Thursday, July 23, 2026
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शलामचेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर अमेरिका ने बरसाए बम, क्यों है यह ईरान-इराक दोनों के लिए अहम?

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तेहरान/बगदाद, 23 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान के कई शहरों और इलाकों पर बम बरसाए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इसकी तस्दीक भी की। इन हमलों के बाद शलामचेह बॉर्डर क्रॉसिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा है। ईरानी मीडिया ने इस क्रॉसिंग पर दो लोगों की मौत और 11 के घायल होने की पुष्टि की। शलामचेह बॉर्डर आखिर इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

ईरान और इराक को जोड़ने वाला शलामचेह बॉर्डर क्रॉसिंग दोनों देशों के बीच सबसे महत्वपूर्ण सीमा मार्गों में से एक है। व्यावसायिक, धार्मिक और सामरिक रूप से भी यह काफी अहम माना जाता है।

यह न केवल द्विपक्षीय व्यापार का प्रमुख गलियारा है, बल्कि इराक के पवित्र शिया धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी एक प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है।

शलामचेह बॉर्डर दक्षिणी इराक को ईरान से जोड़ता है और दोनों देशों के बीच वस्तुओं के आयात-निर्यात तथा लोगों की आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन हजारों यात्री और व्यापारी इस मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

इस सीमा चौकी का सबसे अधिक महत्व अरबईन के अवसर पर देखने को मिलता है। यह दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें लाखों शिया श्रद्धालु इराक के पवित्र शहर करबला पहुंचते हैं। इस दौरान शलामचेह बॉर्डर से गुजरने वाले यात्रियों की संख्या बढ़कर लगभग 20 लाख (2 मिलियन) तक पहुंच जाती है। इस वर्ष अरबईन का आयोजन अगस्त की शुरुआत में होना है और श्रद्धालुओं की यात्रा पहले ही शुरू हो चुकी है।

ईरान की मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि हमले के बावजूद श्रद्धालुओं की आवाजाही नहीं रुकी। सीमा पर राहत एवं बचाव अभियान चलने के साथ-साथ यात्रियों का आवागमन भी सामान्य रूप से जारी रहा।

शलामचेह बॉर्डर केवल एक सीमा चौकी नहीं, बल्कि ईरान और इराक के बीच आर्थिक, धार्मिक और सामरिक संबंधों का महत्वपूर्ण केंद्र है। व्यापार, तीर्थयात्रा और क्षेत्रीय संपर्क के लिहाज से इसकी भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में होने वाली किसी भी घटना का असर न केवल दोनों देशों पर, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया के सुरक्षा और भू-राजनीतिक परिदृश्य पर भी पड़ सकता है।