नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के फैसले का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया है। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों का समाधान राजनीतिक विरोध से नहीं होता। इसकी एक प्रक्रिया है और उसके अनुसार कार्रवाई हो रही है और आगे भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
दिल्ली में भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाना एक अहम कदम है। इससे यह साफ होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर हैं।
गुलाम अली खटाना ने कहा कि पहले भी पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई की गई है और आगे भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें और राजनीतिक प्रदर्शन के बजाय संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से समाधान तलाशें।
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को लेकर भाजपा सांसद ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों पर पथराव जैसी घटनाएं सामने आई हैं, जो केवल छात्रों का आंदोलन नहीं लगता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने हितों के लिए बाहरी तत्वों को आंदोलन में शामिल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और किसी भी समस्या का समाधान लोकतांत्रिक तरीके से ही निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार नीट समेत हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन राजनीतिक दबाव बनाने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिशों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
वहीं, हैदराबाद में भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक मामले में सख्ती के ऐलान का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान युवाओं के लिए भरोसा देने वाला है और इससे छात्रों को यह संदेश गया है कि सरकार उनके भविष्य को लेकर गंभीर है।
श्रीनिवास ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पेपर लीक एक गंभीर समस्या है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के पीछे एक संगठित गिरोह काम करता है, जिसमें कुछ कोचिंग संस्थानों और अन्य लोगों की भूमिका हो सकती है। इस तरह की गतिविधियां युवाओं के सपनों और मेहनत के साथ धोखा हैं और इन्हें पूरी तरह खत्म करना जरूरी है।
राहुल गांधी के पेपर लीक के आरोपों पर हमला बोलते हुए श्रीनिवास ने कांग्रेस पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को केवल वर्तमान सरकार पर आरोप लगाने के बजाय यह बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में हुए पेपर लीक मामलों में क्या कार्रवाई की गई थी। उन मामलों में जिम्मेदारी किसकी थी और कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को जल्द सजा दिलाने और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

