Friday, July 24, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति पोस्ट और वीडियो संदेश से नहीं लौटेगा छात्रों का भरोसा, धर्मेंद्र प्रधान...

पोस्ट और वीडियो संदेश से नहीं लौटेगा छात्रों का भरोसा, धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं पीएम : सुखदेव भगत

0
4

पटना, 24 जुलाई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। नेताओं ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अब जल्द से जल्द इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही, लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने पर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

रांची में कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि कई लोगों ने सोनम वांगचुक से उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने का आग्रह किया था, क्योंकि देश के लिए उनका जीवन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है और कांग्रेस उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना करती है।

राकेश सिन्हा ने नीट पेपर लीक मामले पर सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि यह पूरे मामले को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उनके अनुसार, इस मामले में जवाबदेही तय किए बिना केवल कार्रवाई का दिखावा किया जा रहा है। इस्तीफा जल्द से जल्द दे देना चाहिए। लगातार दिल्ली सहित अन्य राज्यों में प्रदर्शन बढ़ रहे हैं।

वहीं, दिल्ली में कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल अपील या ट्वीट करने से छात्रों का भरोसा नहीं लौटेगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लेते या उन्हें पद से हटा देते, तो इससे सरकार की मंशा पर लोगों का विश्वास बढ़ता।

सांसद भगत ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से राहुल गांधी संसद के भीतर और बाहर लगातार नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाते रहे हैं, लेकिन सरकार ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। सुखदेव भगत ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना, दोषियों को सजा दिलाना और जवाबदेही तय करना है।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का रुख स्पष्ट है और पार्टी लगातार इस मामले में निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रही है। केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। जिससे देश में शांति का माहौल बना रहे।