Friday, July 24, 2026
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अगले साल शुरू हो सकता है यूपी के नए विधान भवन का निर्माण, कमल की आकृति में तैयार होगा परिसर

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लखनऊ, 24 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित नए विधान भवन और प्रशासनिक परिसर की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। गोमती नगर स्थित सहारा शहर की लगभग 200 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की डिजाइन लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रस्तावित भवन का स्वरूप कमल के फूल से प्रेरित होगा और इसके निर्माण का काम अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना के लिए देश की 48 प्रमुख कंसल्टेंट संस्थाओं ने अपने-अपने मास्टर प्लान और डिजाइन प्रस्तुत किए थे।

इन प्रस्तावों का परीक्षण किए जाने के बाद अंतिम डिजाइन को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। भवन की संरचना भारतीय संस्कृति, लोकतांत्रिक परंपराओं और आधुनिक तकनीक के समन्वय का प्रतीक होगी। प्रस्तावित नक्शा लखनऊ विकास प्राधिकरण में भी जमा कराया जा चुका है। प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार मुख्य विधानसभा भवन ऊपर से देखने पर कमल की पंखुड़ियों के आकार का दिखाई देगा।

भवन का केंद्रीय हिस्सा विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही के लिए निर्धारित होगा जबकि इसके चारों ओर प्रशासनिक कार्यालयों और अन्य सहायक इकाइयों का विकास किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक समेकित विधायी एवं प्रशासनिक परिसर विकसित करना है, जो भविष्य की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सके। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि लखनऊ को जल्द ही एक नई स्थापत्य पहचान मिलने जा रही है।

गोमती नगर स्थित सहारा शहर में कमल की आकृति से प्रेरित नए विधान भवन के निर्माण का प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि विश्वस्तरीय विधायी परिसर 200 एकड़ में विकसित होगा। 700 सीटों वाला अत्याधुनिक विधानसभा भवन, 200 सीटों वाली विधान परिषद, 1,000 सीटों वाला संयुक्त सत्र सभागार, 5,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग व्यवस्था होगी। निर्माण कार्य अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है।

अवनीश अवस्थी ने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना आधुनिक सुशासन, प्रतिष्ठित आधारभूत संरचना और भविष्य के अनुरूप विकसित हो रही उत्तर प्रदेश की राजधानी की नई पहचान बनेगी। परियोजना के पूरा होने के बाद यह परिसर न केवल प्रदेश की विधायी गतिविधियों का नया केंद्र बनेगा, बल्कि अपनी विशिष्ट वास्तुकला और आधुनिक स्वरूप के कारण लखनऊ की पहचान में भी एक नया अध्याय जोड़ेगा। सरकार का मानना है कि यह परिसर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होने वाली राजधानी के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

–आईएएनएस

विकेटी/पीएम