पटना, 24 जुलाई (आईएएनएस)। आपदा और सामूहिक दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित एवं समन्वित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एम्स पटना ने शुक्रवार को ‘भिष्म क्यूब’ के प्रस्तावित बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल की तैयारियों को लेकर टेबलटॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया। इस अभ्यास में आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी विभिन्न सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों को ‘भिष्म क्यूब’ की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई और बताया गया कि बड़े हादसों तथा आपदा की स्थिति में गंभीर रूप से घायल मरीजों के त्वरित उपचार में यह प्रणाली किस प्रकार प्रभावी साबित हो सकती है। साथ ही विभिन्न विभागों की भूमिका, जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
एम्स पटना के ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं ‘भिष्म क्यूब’ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने आपदा का एक काल्पनिक परिदृश्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि ऐसी परिस्थितियों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग, घायलों का प्राथमिक उपचार, मरीजों की सुरक्षित निकासी तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय किस प्रकार सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी और बेहतर तालमेल सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एचईओसी), बिहार सरकार की नोडल पदाधिकारी डॉ. रागिनी मिश्रा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के डॉ. सी.बी. नारायण, फायर ऑफिसर गया नंद सिंह, यातायात विभाग के मोहम्मद अली अंसारी, अग्निशमन सेवाएं (विमानन) के सहायक प्रबंधक एस.बी. दुबे, एयरपोर्ट अथॉरिटी के आदित्य, विशाल (एफ एंड सीएओ) सहित एम्स पटना एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके अलावा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, बिहार पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं सहित कई अन्य एजेंसियों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में सभी एजेंसियों ने 22 अगस्त 2026 को रोहतास जिले के करमचट बांध में आयोजित होने वाली पूर्ण पैमाने की बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल तथा चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) प्रशांत कुमार सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रभावी आपदा प्रबंधन केवल संसाधनों पर नहीं, बल्कि समय पर समन्वित कार्रवाई और संस्थागत तैयारी पर भी निर्भर करता है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के लिए एम्स पटना हर स्तर पर तकनीकी और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी सहभागी एजेंसियों ने बिहार की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

