पटना, 25 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राजधानी पटना के राजवंशी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल परिसर में नवनिर्मित 400 बेड क्षमता वाले ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के नए भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने उद्घाटन के बाद अस्पताल का निरीक्षण किया और विभिन्न विभागों में उपलब्ध अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार की जानकारी भी प्राप्त की।
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के लोगों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के शुरू होने से हड्डी और जोड़ संबंधी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने इसे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। नवनिर्मित अस्पताल में ऑर्थोपेडिक उपचार से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई गई हैं। यहां अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक आईसीयू, स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सेवाएं, उन्नत रेडियोलॉजी विभाग, फिजियोथेरेपी यूनिट, एमआरआई, ओपीडी, प्लास्टर कक्ष, माइनर ऑपरेशन थिएटर, थेरेपी कक्ष और व्यावसायिक चिकित्सा इकाई जैसी सुविधाएं स्थापित की गई हैं।
अस्पताल में जांच, उपचार और पुनर्वास की समग्र व्यवस्था होने से मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सेवा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ आधुनिक तकनीक आधारित चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है।
उन्होंने कहा कि यह अस्पताल न केवल बिहार के मरीजों के लिए लाभकारी होगा, बल्कि भविष्य में आसपास के राज्यों के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सक्षम होगा। उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत, सांसद रविशंकर प्रसाद, विधायक संजीव चौरसिया, विधान पार्षद नवल किशोर यादव सहित कई अधिकारी, चिकित्सक और अस्पताल के कर्मी मौजूद रहे।
सरकार का मानना है कि इस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के संचालन से बिहार में ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और गंभीर हड्डी रोगों के इलाज के लिए मरीजों की दूसरे राज्यों पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी। अस्पताल में आधुनिक उपचार, जांच और पुनर्वास की एकीकृत व्यवस्था राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की ओर महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

