Saturday, July 25, 2026
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले पिनाराई विजयन- छात्रों की मेहनत की जीत, लेकिन संघर्ष अभी जारी है

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तिरुवनंतपुरम, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे छात्रों के संघर्ष और मेहनत की जीत बताया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि यह फैसला उन छात्रों की कड़ी मेहनत का परिणाम है, जिन्होंने तमाम चुनौतियों और दबाव के बावजूद अपनी मांगों के लिए आवाज उठाई।

पिनाराई विजयन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन छात्रों की जीत है, जो दमन के बावजूद अपने अधिकारों के लिए डटे रहे।”

उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों को न्याय देने के बजाय एक बदनाम व्यवस्था के बचाव का रास्ता चुना। यह केंद्र सरकार के लिए एक बड़ा झटका है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से यह संघर्ष समाप्त नहीं हो सकता। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में बुनियादी स्तर पर सुधार और पुनर्गठन की मांग उठाई। विजयन ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि छात्रों का भरोसा मजबूत हो सके।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर भी अपनी आपत्ति दोहराई। विजयन ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा, क्योंकि उनके अनुसार मौजूदा नीति सत्ता के केंद्रीकरण को बढ़ावा देती है और राज्यों के अधिकारों को कमजोर करती है।

उन्होंने भारत के लिए ऐसे शिक्षा तंत्र की आवश्यकता बताई, जो पारदर्शी, जवाबदेह और देश के संघीय ढांचे के अनुरूप हो।

उन्होंने संदेश में उन सभी छात्रों, संगठनों और लोगों को सम्मान दिया, जिन्होंने इस आंदोलन में भाग लिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हिम्मत और अटूट विश्वास के साथ अपनी लड़ाई जारी रखी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सामने रखा।

बता दें कि शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। जहां कुछ नेताओं ने इसे नैतिक जिम्मेदारी का कदम बताया है, वहीं विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे छात्रों के आंदोलन की सफलता का परिणाम बता रहे हैं।