नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। आज की जीवनशैली की व्यस्तता, गलत बैठने के तरीके और तनावपूर्ण माहौल में शरीर और मन को स्थिरता मिलना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में ‘सेतु बंध सर्वांगासन’ एक संजीवनी की तरह कार्य करता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, सेतु बंध सर्वांगासन (ब्रिज पोज) एक शक्तिशाली योगासन है जो छाती को खोलता है, पीठ को मजबूत बनाता है और मन को शांत करता है। इसकी संरचना और शरीर पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के कारण ही इसे यह नाम मिला है।
इस आसन के नियमित अभ्यास से कमर दर्द और पीठ के निचले हिस्से की जकड़न को कम करने में मदद मिलती है। यह थायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है, जिससे हार्मोनल संतुलन में सुधार होता है। साथ ही, यह तनाव और अवसाद को कम करने भी मदद करता है। इसके अलावा, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता और रक्त संचार का फ्लो भी सही रखता है। महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं को कम करने में भी प्रभावी है।
इसे करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। अपने हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखें, हथेलियां नीचे की ओर हों। अब दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और पैरों को कूल्हों के पास लाएं, ताकि पैर जमीन पर सपाट रहें। सांस अंदर लेते हुए अपने कूल्हों, कमर और पीठ के निचले हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। आप अपने हाथों की उंगलियों को जमीन पर आपस में इंटरलॉक करके कंधों को थोड़ा और अंदर की ओर खिसका सकते हैं। चाहें तो हाथों से टखनों को भी पकड़ सकते हैं।
इस अवस्था में ठुड्डी को सीना छूने का प्रयास करें। आपका सारा वजन कंधों, भुजाओं और पैरों पर होना चाहिए। सामान्य रूप से सांस लेते रहें और इस स्थिति में 30 से 60 सेकंड तक रुकें। सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपनी कमर और पीठ को वापस जमीन पर ले आएं।
यदि आपकी गर्दन या पीठ में कोई गंभीर चोट या समस्या है, तो इस आसन को करने से बचें।

