नई दिल्ली/कीव, 29 जुलाई (आईएएनएस)। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) के अनुसार, यूक्रेन के चोर्नीमोरस्क बंदरगाह पर एक मालवाहक जहाज पर फंसे 15 चालक दल के सदस्यों में कम से कम 13 भारतीय नाविक शामिल हैं, क्योंकि रणनीतिक काला सागर बंदरगाह के आसपास ड्रोन और मिसाइल हमले जारी हैं।
संगठन के अनुसार, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ब्लैक सी बंदरगाह के आसपास ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार जारी हैं, जिससे जहाज पर मौजूद चालक दल की जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।
नाविकों के संगठन ने चेतावनी दी है कि चालक दल एक “भयानक और जानलेवा स्थिति” में फंसा हुआ है। संगठन का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण जहाज पर मौजूद लोग हर समय इस डर में जी रहे हैं कि किसी भी समय कोई हमला सीधे जहाज को निशाना बना सकता है।
एफएसयूआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से भारत सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, ताकि जहाज पर फंसे चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एफएसयूआई ने अपनी पोस्ट में कहा, “एम.वी. अमीर-1 जो वर्तमान में यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर 15 चालक दल के सदस्यों के साथ मौजूद है, जिनमें 13 भारतीय नाविक शामिल हैं, एक भयानक और जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली स्थिति में फंसा हुआ है।”
संगठन ने आगे कहा, “जहाज के बिल्कुल आसपास बार-बार ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की जा रही है। चालक दल हर समय इस डर में रह रहा है कि किसी भी क्षण कोई हमला सीधे जहाज पर हो सकता है।”
एफएसयूआई ने भारत सरकार, जहाज के मालिकों, जहाज के पंजीकृत ध्वज वाले देश और अन्य संबंधित अधिकारियों से तुरंत कदम उठाने की मांग की है। संगठन ने चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें जल्द से जल्द वहां से निकालने और स्वदेश वापस भेजने की व्यवस्था करने की अपील की है।
एफएसयूआई ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि यह जहाज के अंदर से रिकॉर्ड किया गया है। वीडियो में जहाज के आसपास के इलाकों से धुएं के घने गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ब्लैक सी बंदरगाह क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है।
फिलहाल इस घटना को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय या जहाज का संचालन करने वाली कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह संकट ऐसे समय सामने आया है जब हाल के दिनों में यूक्रेन के दक्षिणी तट और उसके आसपास काम कर रहे वाणिज्यिक जहाजों पर कई हमले हुए हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के कारण ब्लैक सी क्षेत्र नागरिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों के लिए तेजी से खतरनाक क्षेत्र बनता जा रहा है।
18 जुलाई को एमवी ओमोर्फी नामक जहाज पर ब्लैक सी में रूसी क्षेत्रीय जल सीमा के भीतर हमला हुआ था। इस जहाज पर 10 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक शामिल थे। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी। घटना के बाद रूस में भारतीय दूतावास संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहा था।
नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में काम कर रहे वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। भारत ने कहा है कि मौजूदा संघर्ष के बीच समुद्री परिवहन और नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

