Friday, July 31, 2026
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ओडिशा में बाढ़ का संकट: प्रभावित जिलों में कई विभागों ने मिलकर काम तेज किया

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भुवनेश्वर, 30 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति के बीच, राज्य सरकार के कई विभागों ने बाढ़ के असर से निपटने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इन कोशिशों में बचाव और राहत कार्य, सड़क संपर्क और बिजली आपूर्ति बहाल करना, और प्रभावित लोगों की मदद करना शामिल है।

गुरुवार को ओडिशा जल संसाधन विभाग ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसके सभी अधिकारी और कर्मचारी जमीनी स्तर पर काम में सक्रिय रूप से जुटे हैं। साथ ही, लगातार निगरानी और तुरंत कार्रवाई के लिए संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त अधिकारियों को तैनात किया गया है।

सीनियर फील्ड इंजीनियर तटबंधों, नदी प्रणालियों और बाढ़ प्रबंधन से जुड़ी अन्य अहम संरचनाओं पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

विभाग ने यह भी बताया कि तैयारी को और मजबूत करने के लिए माइनर इरिगेशन, मेगा लिफ्ट इरिगेशन, क्वालिटी एश्योरेंस और सर्वे एंड इन्वेस्टिगेशन विंग के फील्ड इंजीनियरों को कटक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर और पुरी जिलों में पूरी तरह तैयार रखा गया है। वे जरूरत पड़ने पर तुरंत जमीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार हैं।

ब्राह्मणी और बैतरणी बेसिन सिस्टम (एमबीबीएस) के चीफ इंजीनियर ने हाल ही में आली ब्लॉक में महादेव मंदिर के पास खारसुआन नदी के ओएई-9बी ओवरफ्लो वाले हिस्से का दौरा किया और मौजूदा हालात का जायजा लिया।

विभाग ने कहा कि पानी के बहाव को रोकने के लिए रेत की बोरियों का इस्तेमाल करके ओवरफ्लो वाले हिस्से को सफलतापूर्वक बंद कर दिया गया। सभी फील्ड-लेवल अधिकारियों को हालात पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत बचाव के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग ने भी भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ और जल-जमाव की स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन उपायों को तेज कर दिया है, खासकर उत्तरी ओडिशा और बालासोर, भद्रक और जाजपुर जैसे जिलों में।

विभाग शहरी इलाकों में लोगों की सुरक्षा, पानी की तेजी से निकासी और राहत कार्यों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है।

हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र ने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रबंधन में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, और 24 घंटे काम करने वाला विभागीय कंट्रोल रूम हालात पर बारीकी से नजर रख रहा है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तालमेल बिठा रहा है।