नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो संदेश के जरिए देश के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के खिलाफ सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि अब पेपर माफिया और पेपर लीक करने वाली गैंग को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, “विश्वस्तरीय परीक्षा पद्धति बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार कदम उठा रही हैं। इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है और फास्ट-ट्रैक व्यवस्था बनाई जा रही है। राज्यों के सुझावों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। पिछले कई दशकों से हर राज्य और केंद्र सरकार इस प्रकार की पेपर लीक की परेशानी झेल रही है। बच्चों के भविष्य के लिए भी इस कारण संकट पैदा हो रहा है।”
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए अब देशभर में शिक्षा पद्धति में सुधार अनिवार्य हो गया है। इसमें केंद्र और सभी राज्य सरकारों की भूमिका अहम है।”
पीएम मोदी ने तकनीक के अधिक से अधिक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल जरूरी है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी गिरोह देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा, “फिर से कोई पेपर माफिया, पेपर लीक करने वाली गैंग और देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली गैंग को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए कठोर कानूनों की भी जरूरत है।”
सरकार के कदमों की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में इस संबंध में एक सख्त बिल लाया गया था। उन्होंने कहा, “जैसा मैंने आपसे वादा किया था, दो दिन संसद के दोनों सदनों में माननीय सांसदों ने विस्तारपूर्वक इस पर चर्चा की है, और इस कठोर कानून, प्रावधानों वाले इस बिल को पास कर दिया है।”
पीएम मोदी ने कहा कि इस बिल के पास होने के साथ ही विश्वस्तरीय परीक्षा पद्धति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य पूरा हुआ है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि काम यहीं नहीं रुकेगा। आगे भी परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे। उन्होंने युवाओं से ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने में साथ देने की अपील की।
उन्होंने कहा, “हम ऐसी परिस्थितियों को लंबे समय तक नहीं चलने देंगे। इस विश्वास के साथ हम ‘विकसित भारत’ के सपने को पूर्ण करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलें।”

