Friday, July 31, 2026
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जंतर-मंतर प्रदर्शन: छात्रों की रिहाई और एफआईआर पर बोले सौरव दास- जल्द से जल्द की समयसीमा बताए सरकार

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नई दिल्‍ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्‍ता सौरव दास ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज एफआईआर को लेकर सवाल खड़ा किया है। उन्‍होंने दिल्‍ली सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि नोटिफिकेशन के मुताबिक 13 एफआईआर दर्ज हैं, जबकि हमारी जानकारी के अनुसार 20 एफआईआर हैं।

सौरव दास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “दिल्ली सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, उनके हिसाब से 13 एफआईआर दर्ज हैं। हमारी जानकारी के अनुसार, 20 एफआईआर हैं। उन्होंने यह बात कही है कि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और एफआईआर को बंद माना जाएगा। इसमें यह भी कहा गया है कि हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार लोगों को जल्द से जल्द रिहा कर दिया जाएगा। हम चाहते हैं कि सरकार सही भाषा का इस्तेमाल करे।”

उन्‍होंने कहा कि इस तरह की शब्‍दावली का इस्‍तेमाल नहीं होना चाहिए जिससे दूरियां बढ़ जाएं। जल्‍द से जल्‍द का क्‍या मतलब माना जाए, एक महीने,10 महीने-15 महीने या एक घंटा। एफआईआर को बंद नहीं विथ-ड्रा करने की गारंटी दी गई थी। हालांकि, दिल्‍ली सरकार की तरफ से सकारात्‍मक कदम दिखा है, लेकिन एफआईआर की कॉपी हमें अभी तक नहीं मिली है।

उन्‍होंने कहा कि मैं सरकार से यही मांग करूंगा कि आपने जो गारंटी दी था उस पर जल्‍दी अमल करें। अगर आप लोग हमारी बात नहीं मानते हो यह युवा पीढ़ी के साथ बहुत बड़ा विश्‍वासघात होगा। सही शब्‍दावली का प्रयोग करते हुए गारंटी दें और इस पर हम लोग नजर बनाए हुए हैं।

सौरव दास ने कहा,”ऐसा दूसरी सरकारों में भी हो रहा है। बिहार, असम, बंगाल और कई अन्य राज्यों में भी नोटिफिकेशन जारी हुए हैं, और हम वहां की सरकारों से सही भाषा में गारंटी वाला नोटिफिकेशन जारी करवाने के लिए बातचीत कर रहे हैं। बातचीत चल रही है।”

उन्‍होंने कहा कि यह जल्‍द से जल्‍द होना चाहिए क्‍योंकि सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट था कि एक दिन भी अगर आपकी आजादी छिन जाती है तो वह बहुत दिन तक चलती है। ऐसा नहीं होना चाहिए,स्‍वतंत्रता बहुत महत्‍वपूर्ण है।

सौरव दास ने कहा कि युवा पीढ़ी बहुत आशा के साथ आगे बढ़ना चाहती है, इन उम्‍मीदों को नहीं तोड़ा जाना चाहिए।