नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के नेता और राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर छिड़ी नई बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम का नारा लगाकर लोग जेल गए, सीने पर गोलियां खाई। ‘वंदे मातरम’ पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने शुक्रवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, “वंदे मातरम पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम का नारा लगाकर लोग जेल गए, सीने पर गोलियां खाई। ये है कि वंदे मातरम जितना था शुरुआत में, जिसको सभी पढ़ सकते थे और याद कर सकते थे, इन्होंने उसको पूरा कर दिया है, जो लाए न उन्हें याद है और न ही सुनने वालों को याद है।”
रामगोपाल यादव ने कहा कि उसमें (वंदे मातरम) में संशोधन नहीं करना चाहिए था। दंड की व्यवस्था कर दी गई है, वो ठीक है। इससे आपत्ति नहीं है।
उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर गबन को लेकर भी अपनी बात रखी। सपा सांसद ने कहा, “यह सिर्फ उत्तर प्रदेश का मुद्दा नहीं है। यह पूरे देश और दुनिया भर के उन श्रद्धालुओं की भावनाओं और आस्था से जुड़ा है जो भगवान राम को मानते हैं। जो भयानक चोरी और गड़बड़ी हुई है, वो मामूली नहीं है। अभी जो दिख रहा है, वह तो बस एक छोटी सी झलक है।”
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एंटी-पेपर लीक बिल की तारीफ करने पर रामगोपाल यादव ने कहा, “अगर प्रधानमंत्री ने ऐसा कहा है, तो यह अच्छी बात है। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।”
इसी बीच, रामगोपाल यादव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा कि ‘इंजीनियरिंग ग्रेजुएट क्रिमिनल वेस्ट हैं।’ सपा सांसद ने अपने जवाब में कहा, “उन्हें (सीएम रेवंत रेड्डी) को यह बात नहीं करनी चाहिए थी। यह आपत्तिजनक है।”

