दमन, 2 अगस्त (आईएएनएस)। दमन की एक अदालत ने वर्ष 2011 में दर्ज सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की के मामले में दमन दीव के मौजूदा सांसद उमेश पटेल तथा दमन जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुरेश उर्फ सुखा जगु पटेल को दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
करीब 15 वर्षों तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले ने दमन की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
वर्ष 2011 में बड़ी दमन स्थित स्पोर्ट्स क्लब में एक्साइज सब इंस्पेक्टर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान उमेश पटेल और सुखा जगु पटेल ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। घटना के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने प्रत्येक को दो-दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाते हुए मामले का फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय के बाद क्षेत्र की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
दो प्रमुख नेताओं को सजा मिलने से राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील की जा सकती है। यदि अपील दायर होती है तो सजा पर स्थगन और अन्य कानूनी पहलुओं पर भी सुनवाई होगी।
फिलहाल अदालत के फैसले के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजर आगे की कानूनी कार्रवाई पर है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस फैसले का दमन दीव की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है। आने वाले दिनों में अदालत की अगली प्रक्रिया, संभावित अपील और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम इस मामले को और अधिक चर्चा में बनाए रख सकते हैं।

