Monday, August 24, 2026
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राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा-2026 का आरएनटीयू में भावपूर्ण समापन, देशभर के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जीता दिल

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भोपाल : 22 जुलाई/रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) में विश्वरंग फाउंडेशन और केंद्रीय हिंदी निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा-2026 का मंगलवार को भावपूर्ण एवं गरिमामय समापन हुआ। नौ दिनों तक चले इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न हिंदीतर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं ने भारतीय भाषा, संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय एकता को निकट से जाना तथा समापन समारोह में अपनी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

समापन समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की प्रतिकुलाधिपति एवं विश्वरंग फाउंडेशन की निदेशक डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने की। मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रो. रविप्रकाश दुबे रहे। विशिष्ट अतिथियों में कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी तथा केंद्रीय हिंदी निदेशालय की सहायक निदेशक सुश्री तमन्ना रानी उपस्थित रहीं।

विविधता में एकता की अद्भुत झलक

समापन समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। असम, मणिपुर, मिजोरम, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और ओडिशा सहित कई राज्यों से आए प्रतिभागियों ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर पूरे सभागार को भारतीय संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया।

प्रत्येक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और पूरे वातावरण में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक सौहार्द और उत्साह का संदेश गूंजता रहा।

विद्यार्थियों ने स्वयं किया मंच संचालन

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि प्रत्येक राज्य के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति का मंच संचालन स्वयं किया। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ अपने राज्य की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन का परिचय भी दिया। नौ दिवसीय अध्ययन यात्रा के दौरान विकसित भाषा कौशल, मंच संचालन क्षमता और आत्मविश्वास उनकी प्रस्तुतियों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

जीवनभर याद रहेगा यह अनुभव

समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, भाषाई विविधता, साहित्य, इतिहास और राष्ट्रीय एकता को निकट से समझने का अविस्मरणीय अवसर रही।

उन्होंने रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, विश्वरंग फाउंडेशन, केंद्रीय हिंदी निदेशालय तथा आयोजन से जुड़े शिक्षकों, समन्वयकों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां मिला स्नेह, मार्गदर्शन और आत्मीय वातावरण उनके जीवन की अमूल्य स्मृति रहेगा।

सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि यह अध्ययन यात्रा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, भाषाई विविधता और मानवीय मूल्यों को समझने की एक जीवंत प्रक्रिया रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे यहां से प्राप्त अनुभवों को अपने जीवन और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाएं।

मुख्य अतिथि प्रो. रविप्रकाश दुबे ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति संवेदनशील नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अध्ययन यात्रा से प्राप्त अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

वहीं केंद्रीय हिंदी निदेशालय की सहायक निदेशक सुश्री तमन्ना रानी ने कहा कि इस अध्ययन यात्रा ने विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों को एक परिवार की तरह जोड़ दिया। ऐसे आयोजन हिंदी के साथ-साथ भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।

प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर किया सम्मानित

समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र, स्मृति-चिह्न और गिफ्ट किट प्रदान किए गए। सम्मान प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरों पर उपलब्धि की खुशी के साथ विदाई की भावुकता भी साफ दिखाई दी। कई विद्यार्थी और शिक्षक भावुक हो उठे।

आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों, शिक्षकों, समन्वयकों, स्वयंसेवकों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

नौ दिनों तक चली राष्ट्रीय छात्र अध्ययन यात्रा-2026 भारतीय सांस्कृतिक एकता, भाषाई सद्भाव और राष्ट्रीय एकात्मता का जीवंत उदाहरण बनकर समाप्त हुई। यह यात्रा प्रतिभागियों के लिए केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवनभर याद रहने वाला सांस्कृतिक और मानवीय अनुभव साबित हुई।