Wednesday, August 5, 2026
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जयपुर रोपवे प्रोजेक्ट पर एनजीटी सख्त, वन भूमि अतिक्रमण मामले में कार्रवाई के आदेश

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जयपुर, 5 अगस्त (आईएएनएस)। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जयपुर रोपवे प्रोजेक्ट में जंगल की जमीन पर अवैध कब्जे और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच ने राजस्थान के वन विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सुनवाई के दौरान सोमवार को ट्रिब्यूनल ने वन विभाग और जॉइंट कमेटी की रिपोर्टों को देखा। रिपोर्ट में कई गंभीर बातें सामने आईं।

रिपोर्ट के मुताबिक रोपवे का ऊपरी स्टेशन, निचला स्टेशन और रोपवे का कुछ हिस्सा उस जमीन पर बना है जो इस प्रोजेक्ट के लिए कानूनी तौर पर नहीं दी गई थी। यह हिस्सा रिजर्व फॉरेस्ट एरिया के अंदर आता है।

वन विभाग के असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट की रिपोर्ट में और भी कई उल्लंघन बताए गए। इसमें बिना इजाजत रेस्तरां चलाना, फिश स्पा और बॉडी मसाज पार्लर खोलना, खाना बनाने के लिए खुली आग का इस्तेमाल, प्लास्टिक कचरा सही तरीके से न फेंकना, अवैध लाइटिंग लगाना और बिना पर्यावरण व सुरक्षा मंजूरी के जिपलाइन साइकिल राइड चलाना शामिल है।

ट्रिब्यूनल ने कहा कि मामला एक साल से ज्यादा समय से लंबित है लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए एनजीटी ने राजस्थान के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को खुद इस मामले की निगरानी करने को कहा है। कोर्ट को बताया गया कि पीसीसीएफ ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

एनजीटी ने वन विभाग को आदेश दिया कि रोपवे के लिए जो जमीन कानूनी रूप से दी गई है उसके अलावा बाकी जंगल की जमीन की सुरक्षा की जाए। जहां भी अवैध कब्जा मिला है उसे खाली कराया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

ट्रिब्यूनल ने पीसीसीएफ या उनके द्वारा अधिकृत चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट स्तर के अधिकारी से दो हफ्ते के अंदर शपथपत्र के साथ एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।