कोलकाता, 5 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बीरभूम जिले के पत्थर खदान मालिक और फरार चल रहे तुलु मंडल (उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन) के दो सालों के घरों पर लगातार छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया।
हाल ही में बीरभूम जिले की पुलिस ने तुलु मंडल के करीबी रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से 28 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोने के बिस्कुट बरामद किए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 22 करोड़ रुपये है।
मिनार ने पुलिस के सामने माना कि बरामद कैश और सोना उसका नहीं था और वह उन्हें सिर्फ तुलु मंडल के लिए रख रहा था। इसके बाद पुलिस ने बीरभूम जिले के सूरी में तुलु के घर को सील कर दिया।
बुधवार सुबह से ही एसटीएफ के अधिकारी मिंटू शेख (उर्फ़ मोहम्मद शम्सुल आलम) और नूरुल इस्लाम के घरों पर छापेमारी और तलाशी अभियान चला रहे हैं। ये दोनों तुलु मंडल के साले हैं। एसटीएफ अधिकारी उनके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर रहे हैं।
पुलिस ने कैश और सोना बरामदगी के मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बीरभूम के जिला पुलिस सुपरिटेंडेंट विदित राज बुंदेश ने मीडिया को बताया कि अब तक तुलु की 220 करोड़ रुपये की संपत्ति ‘फ़्रीज़’ की जा चुकी है। इसमें मीनार के घर से बरामद करीब 50 करोड़ रुपये का सोना और कैश भी शामिल है।
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने भी तुलु मंडल की जांच के लिए शुरुआती प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी इस मामले में बीरभूम जिला पुलिस से जानकारी एकत्र कर रहे हैं।
तुलु मंडल को जिले में तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिले के पूर्व अध्यक्ष अनुब्रत मंडल के करीबी सहयोगी के तौर पर जाना जाता था। अनुब्रत मंडल को पश्चिम बंगाल में मवेशी तस्करी के मामले में शामिल होने के आरोप में 2022 में पहले सीबीआई और फिर ईडी ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जेल में भी रहना पड़ा था।
मवेशियों की तस्करी के मामले में तुलु मंडल का नाम भी सामने आया था। 2022 में वह ईडी की निगरानी में था और उस समय केंद्रीय जांचकर्ताओं ने उसके घर और दफ्तर पर छापेमारी की थी।

