कोहिमा, 5 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार नागालैंड में बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति से निपटने में राज्य सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राज्य के साथ लगातार समन्वय में काम कर रही है, ताकि प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सके।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अशोक सिंघल और नागालैंड से राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक के साथ मोन टाउन के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
नड्डा ने डिफेंस कॉलोनी और तेचा वार्ड के आसपास भूस्खलन से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और कोन्याक यूनियन कार्यालय में विस्थापित लोगों से भी बातचीत की।
बाद में नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “मोन जिले के लोगों के प्रति केंद्र सरकार की गहरी संवेदना और अटूट प्रतिबद्धता व्यक्त करता हूं। राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए हर संभव सहायता दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस कठिन समय में नागालैंड सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है और यह सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है कि हर प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता मिले।”
प्रभावित लोगों से बातचीत के दौरान नड्डा ने कहा कि यह बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं और केंद्र सरकार उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद हालात का जायजा लिया है और लोगों को आपदा के बाद जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, उससे वे पूरी तरह अवगत हैं।
नड्डा ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र की टीम भी राहत कार्यों में मदद के लिए क्षेत्र का दौरा करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने पीड़ित परिवारों तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पहुंचाया। उन्होंने उपायुक्त के नेतृत्व में जिला प्रशासन, कोन्याक यूनियन, कोन्याक स्टूडेंट्स यूनियन और कोन्याक न्युपुह शेको खोंग द्वारा राहत शिविरों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
उन्होंने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), नागरिक संगठनों और स्वयंसेवकों सहित सभी बचाव दलों की भी प्रशंसा की।
भारी वर्षा के कारण जिले में कई जगह भूस्खलन हुए, जिनमें डिफेंस कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और अनेक परिवारों को विस्थापित होना पड़ा।
कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हो गया, जबकि कुछ इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुई।
अधिकारियों के अनुसार, 19 और 20 जुलाई को हुई लगातार मानसूनी बारिश के कारण नागालैंड के मोन जिले में विनाशकारी भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ की घटनाएं हुई थीं। इन आपदाओं में कई लोगों की जान चली गई, अनेक मकान नष्ट हो गए, कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा और प्रमुख सड़कों के बंद होने से संपर्क व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।
जिले में 19 जुलाई को 83.95 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि मोन जिला मुख्यालय स्थित स्वचालित मौसम केंद्र के अनुसार 19 से 31 जुलाई के बीच कुल 341 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो मानसून की गंभीरता को दर्शाती है।

