Friday, August 7, 2026
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नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : हरिभाऊ बागड़े

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जयपुर, 7 अगस्त (आईएएनएस)। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने शुक्रवार को बांसवाड़ा स्थित गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय (जीजीटीयू) में आयोजित ‘नशा मुक्त वागड़, स्वस्थ युवा, सशक्त आदिवासी समाज और विकसित भारत’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों से नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को कमजोर करने के लिए नशीले पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे की लत से प्रभावित लोगों को समझाएं और नशा तस्करों की जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने के खतरों पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे हादसों में कई युवाओं की जान चली जाती है, जिससे उनके परिवारों को भारी दुख का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने केंद्र सरकार के टीबीमुक्त भारत अभियान का उल्लेख करते हुए लोगों से अपने आसपास के उन टीबी मरीजों की मदद करने की अपील की, जो इलाज नहीं करा पा रहे हैं ताकि उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

विश्वविद्यालयों को ज्ञान का मंदिर बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि छात्र देवता के समान हैं और शिक्षक पुजारी के समान। गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना आदिवासी समाज के कल्याण के लिए की गई है और उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक आदिवासी छात्र यहां उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। एक पीढ़ी को शिक्षा देकर आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

राज्यपाल ने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था के लिए प्राथमिक शिक्षा का मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षाविदों से प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता के विकास पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य जीवन को सार्थक बनाना है। शिक्षा व्यक्ति में बौद्धिक विकास, आत्म-अनुशासन, सहिष्णुता, नैतिकता और सभ्यता जैसे गुणों का विकास करती है।

बागड़े ने कहा, “मूल्यों के बिना शिक्षा का कोई विशेष महत्व नहीं है।” उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रशासन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनियमितताओं में शामिल पाए गए कुलपतियों को निलंबित किया गया है, जिसे राजस्थान के इतिहास में एक अभूतपूर्व कदम बताया।

राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में गोविंद गुरु के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भील और बंजारा समुदायों को संगठित कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक मजबूत आंदोलन खड़ा किया और देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इससे पहले राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में खेजड़ी का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि खेजड़ी राजस्थान का राजकीय वृक्ष है और इसके संरक्षण तथा अधिक से अधिक पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए राजभवन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।