सना, 7 अगस्त (आईएएनएस)। यमन के मध्य स्थित मारिब प्रांत में शुक्रवार को मिसाइल और ड्रोन हमले हुए, जिनमें सरकारी सेना के ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह जानकारी एक यमनी सैन्य सूत्र और स्थानीय निवासियों ने दी। इससे एक दिन पहले हूती हमलों में मारिब और पड़ोसी हद्रमौत में कई सरकारी सैनिकों के मारे जाने की खबर आई थी।
एक सैन्य सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, हूती बलों ने कई सरकारी सैन्य शिविरों को निशाना बनाया, जिनमें मारिब शहर में स्थित थर्ड मिलिट्री रीजन के मुख्यालय भी शामिल था। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलों के दौरान शहर में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, स्थानीय मीडिया ने भी मारिब और उसके आसपास के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबर दी है।
फिलहाल इन हमलों में हुए नुकसान या हताहतों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, हूती समूह ने भी इन हमलों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
गुरुवार को यमन के हूती समूह ने दावा किया था कि उसने मारिब और हद्रमौत के पूर्वी इलाकों में सरकारी बलों के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए ‘बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान’ चलाया है, जिसमें उसके अनुसार ‘सैकड़ों लोग हताहत’ हुए।
हूती संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक बयान में समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा कि हमलों का निशाना मारिब के रुवैक और पड़ोसी हद्रमौत के थनियाह और अल-अबर क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकाने थे। इनमें हाल ही में गठित और सऊदी अरब समर्थित यमनी आपातकालीन बलों की पहली और तीसरी डिवीजन के शिविर तथा सैनिक जमावड़े शामिल थे।
सारेया ने दावा किया कि इन हमलों में सरकारी बलों के कई सैनिक मारे गए या घायल हुए। उन्होंने कहा कि कई सैन्य वाहन, हथियार गोदाम और अन्य सैन्य सुविधाएं नष्ट हो गईं या उनमें आग लग गई। उनके अनुसार, यमन-सऊदी अरब सीमा के पास स्थित अल-वदियाह क्षेत्र के सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया गया।
सारेया ने कहा कि यह अभियान तब शुरू किया गया जब हूती बलों ने सऊदी अरब की ओर से बड़े पैमाने पर सैन्य तैयारियां देखीं, जो उनके अनुसार ‘अंतिम चरण’ में पहुंच चुकी थीं। उन्होंने रियाद पर हूती नियंत्रित इलाकों के खिलाफ बड़े जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी करने का आरोप लगाया।
उन्होंने सऊदी अरब को और अधिक तनाव बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि हूती बल ‘किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।’ उन्होंने कहा कि जब तक हूती नियंत्रण वाले इलाकों पर लगाए गए प्रतिबंध हटाए नहीं जाते, तब तक समूह अपनी ‘नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी’ की रणनीति जारी रखेगा।

