ग्रेटर नोएडा, 8 अगस्त (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के जेवर थाने की पुलिस ने जानलेवा फायरिंग के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भूरी उर्फ नजर मौहम्मद पुत्र युसुफ निवासी कस्बा जहांगीरपुर, थाना जेवर, गौतमबुद्धनगर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को एक व्यक्ति ने थाना जेवर में तहरीर देकर शिकायत की थी कि रुपयों के लेन-देन को लेकर उसका आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद से विवाद और कहासुनी हो गई थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अवैध तमंचे से उसे जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। हालांकि, गोली शिकायतकर्ता को नहीं लगी, बल्कि रास्ते से गुजर रहे उमर पुत्र असफाक को जा लगी।
गोली लगने के बाद उमर को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जेवर थाना पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही मैनुअल इंटेलिजेंस और साक्ष्य संकलन की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त को टीम को मिली सूचना और जांच के आधार पर वांछित आरोपी भूरी उर्फ नजर मौहम्मद को ग्राम थौरा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद अवैध हथियार और कारतूस को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ वर्ष 2019 से लेकर 2026 तक कई मामले दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम और मारपीट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना जेवर में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा वर्ष 2025 में आबकारी अधिनियम की धारा 60, वर्ष 2024 और 2019 में आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत भी मामले दर्ज हैं।
वर्ष 2020 में आरोपी के खिलाफ मारपीट, बलवा और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में भी मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी के कब्जे से बरामद तमंचा और कारतूस को घटना से जोड़ते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, गोली लगने से घायल उमर का अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच करते हुए घटना से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों को भी जुटा रही है।

