नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। ई-20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संतोष सिंह सलूजा ने टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी के ई-20 पेट्रोल के विरोध को सही ठहराते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। वहीं, उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष नीरज सिंह और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राहुल गांधी की राजनीति और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए।
मुंबई में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संतोष सिंह सलूजा ने कहा कि राहुल गांधी को हमेशा देशवासियों और खासकर गरीब वर्ग की चिंता रहती है। राहुल गांधी ने हाल में ई-20 पेट्रोल को लेकर जो बात रखी है, वह सही है। उन्होंने दावा किया कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर असर पड़ेगा और इससे वाहन मालिकों का खर्च बढ़ सकता है। स्कूटर, बाइक, कार और बड़ी गाड़ियों सहित अलग-अलग तरह के वाहनों में ई-20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले लोगों को इंजन और मेंटेनेंस से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इससे वाहन मालिकों का आर्थिक नुकसान बढ़ेगा और मेंटेनेंस का खर्च बढ़ सकता है। इसका फायदा आम वाहन मालिकों की बजाय सरकार से जुड़े लोगों और मंत्रियों को होगा।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा ई-20 के खिलाफ जनजागरूकता, आंदोलन या घेराव जैसे कार्यक्रमों की अपील की जाती है तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी। सलूजा ने देशवासियों से भी इस मुद्दे पर आगे आने की अपील की। दोपहिया से लेकर चारपहिया वाहन रखने वाले हर वर्ग के लोगों को इस मुद्दे पर जागरूक होने की जरूरत है। लगातार बढ़ता मेंटेनेंस खर्च आम व्यक्ति के लिए बड़ी आर्थिक समस्या बन सकता है।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को लेकर उन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में पिछले 15 दिनों से छात्र अनशन कर रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी उनकी समस्याएं सुनने नहीं गए। राहुल गांधी केवल राजनीतिक मुद्दों के लिए सक्रिय दिखाई देते हैं और युवाओं को लेकर उनके पास कोई स्पष्ट एजेंडा नहीं है। इतने वर्षों से राजनीति करने के बावजूद युवाओं के लिए राहुल गांधी की ओर से कोई सकारात्मक सुझाव या ठोस पहल सामने क्यों नहीं आई?
भाजपा नेता ने कहा कि देश में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने कड़े प्रावधान किए हैं। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को महापाप घोषित करते हुए कड़े कानून और सजा का प्रावधान किया गया है, जिसमें भारी जुर्माने और सजा की व्यवस्था शामिल है।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी को दिशाहीन बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता किसी भी मुद्दे पर सार्थक चर्चा नहीं करना चाहते। संसद में सांसदों को अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाने का अवसर मिलता है। सांसद प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य संसदीय माध्यमों के जरिए अपने क्षेत्र और देश से जुड़े मुद्दों को सदन के सामने रखते हैं। विपक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही बाधित किए जाने से सांसदों को अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाने में परेशानी होती है।
अन्नपूर्णा देवी ने राहुल गांधी द्वारा संसद में माइक बंद किए जाने के आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी को सदन में बोलने का अवसर मिलता है, तो वह कई बार अपनी बात रखने के बजाय माइक बंद किए जाने की शिकायत करते हैं। कई मौकों पर माइक ऑन था और सदन के अध्यक्ष की ओर से भी उन्हें अपनी बात रखने के लिए कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद विपक्ष की ओर से सदन की कार्यवाही बाधित की जाती है।

