Sunday, August 9, 2026
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युवाओं को गुमराह करने और बेरोजगारी के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस जिम्मेदारः रामकृपाल यादव

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पटना 9 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव और जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने धर्मेंद्र प्रधान के बयान, पीएम मोदी के युवाओं से संपर्क, झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और परिसीमन के मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मेडल लेते समय छात्रों को ‘सिर झुकाने’ और वैदिक मंत्रोच्चार के दौरान खड़े रहने पर आलोचना की है। ओवैसी के इस बयान पर मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, “ओवैसी को हमेशा से आपत्तियां रही हैं और आगे भी रहेंगी। उन्हें प्रधानमंत्री का चेहरा पसंद नहीं है और वे उन्हें अलग नजरिए से देखते हैं, इसीलिए ओवैसी ने प्रधानमंत्री के हर फैसले का विरोध किया है और आगे भी करते रहेंगे। वे राष्ट्रीय हित के बारे में नहीं सोचते। लोकसभा में इनकी क्या स्थिति है, यह सब जानते हैं।”

राहुल गांधी द्वारा छात्रों से संवाद किए जाने पर राम कृपाल यादव ने कहा, “राहुल गांधी युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। सब जानते हैं कि आजादी के बाद लगभग 60 वर्षों तक केंद्र और राज्यों में कांग्रेस का शासन रहा। अगर आज युवा गुमराह हो रहे हैं या देश बेरोजगारी जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है तो इसके लिए कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और उनका परिवार जिम्मेदार है। राहुल गांधी युवाओं को न भटकाएं।”

उन्होंने झारखंड प्रदर्शन को लेकर कहा, “कई राज्यों में कांग्रेस के सहयोग से सरकारें चल रही हैं। झारखंड में भी कांग्रेस गठबंधन से सरकार चल रही है। ऐसे में राहुल गांधी को क्यों नहीं झारखंड के छात्रों की चिंता हो रही है?”

मुख्यमंत्री विजय द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में तमिलनाडु के 57 में से 37 सांसदों के शामिल न होने पर राम कृपाल ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह देशहित के लिए परिसीमन करना चाह रहे हैं। यह देश के हर राज्य में लागू होगा। गृहमंत्री ने कहा है कि कहीं भी किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। परिसीमन देशहित में होगा और किसी भी राज्य को परेशानी नहीं होगी।”

वहीं, झारखंड आंदोलन पर जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, “मैं बार-बार कह रहा हूं कि उस राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खुद छात्रों से बातचीत करनी चाहिए। ऐसा करने से उनका अपमान नहीं, बल्कि उनका कद और बढ़ेगा, इसलिए बातचीत ही सबसे बड़ा समाधान है और उन्हें छात्रों से बात करनी चाहिए। उन्हें या तो खुद जाकर उनसे मिलना चाहिए या उन्हें बुलाना चाहिए, छात्र जिस भी तरह से बातचीत करना चाहें। उन्हें एक कड़ा फैसला लेना चाहिए और उनकी समस्याओं को हल करने की दिशा में काम करना चाहिए।”

धर्मेंद्र प्रधान द्वारा जेन जी को गुमराह करने वाले बयान पर श्याम रजक ने कहा, “हो सकता है, जेन जी दिग्भ्रमित हुए हों, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि युवा उदासीन हैं। आजादी के कई दशक बाद भी युवाओं का भविष्य अंधकार में है। युवा अपने भविष्य की रूपरेखा नहीं तय कर पा रहे हैं, इसलिए ऐसे युवाओं को गुमराह किया जा सकता है।”