दाहोद, 10 अगस्त (आईएएनएस)। महीसागर एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को जालोद नगरपालिका में काम करने वाले एक ‘अफोर्डेबल हाउसिंग मिशन’ (एएचएम) इंजीनियर और एक अन्य व्यक्ति को ‘प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना’ के तहत मिलने वाली किश्त से जुड़ी 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय जयेशकुमार पटेल (जो जालोद नगरपालिका में 11 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर एएचएम इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे) और 49 वर्षीय मनुभाई वसाया (जो एक व्यवसायी और आम नागरिक हैं) के तौर पर हुई है।
पटेल जालोद के मुवाडा के रहने वाले हैं और मूल रूप से मेहसाणा जिले के विसनगर तालुका के कंसा गांव के रहने वाले हैं। वसाया जालोद के मुवाडा में रयान फलिया में रहते हैं।
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता को ‘प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना’ के तहत एक घर मंजूर हुआ था।
शिकायतकर्ता के बैंक ऑफ बड़ौदा की जालोद शाखा स्थित खाते में 70,000 रुपए की पहली किश्त जमा की गई थी, जिसके बाद कथित तौर पर 5,000 रुपए की रिश्वत की मांग की गई थी।
80,000 रुपए की दूसरी किश्त जमा होने के बाद कथित तौर पर 10,000 रुपए की एक और मांग की गई।
इसके बाद, जब शिकायतकर्ता के खाते में 1.50 लाख रुपए की तीसरी किस्त जमा हुई, तो कथित तौर पर उस किस्त के सिलसिले में 10,000 रुपए की और मांग की गई।
पैसे देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने महीसागर एसीबी से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर, ब्यूरो ने सोमवार को एक जाल बिछाया। ऑपरेशन के दौरान, पटेल ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से रिश्वत के पैसे वसैया को देने के लिए कहा।
शिकायतकर्ता के साथ बातचीत के बाद कथित तौर पर 10,000 रुपए की मांग की गई। पंच नंबर 1 की मौजूदगी में वसैया ने कथित तौर पर पटेल के कहने पर पैसे ले लिए।
इसके बाद एसीबी ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और रिश्वत के तौर पर दिए गए पूरे 10,000 रुपए बरामद कर लिए।
यह जाल 10 अगस्त को झालोद में पुलिस चौकी के पास मुवाडा चौकड़ी के पास एक पान-मसाला स्टॉल पर बिछाया गया था।
लूनावाड़ा में महीसागर एसीबी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर एम एम तेजोट ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया।
इसकी देखरेख गोधरा में एसीबी पंचमहल यूनिट के असिस्टेंट डायरेक्टर बी एम पटेल ने की। वडोदरा एसीबी के डिप्टी डायरेक्टर बलदेव देसाई इस ऑपरेशन के इंचार्ज अधिकारी थे।

