Tuesday, August 11, 2026
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दक्षिण कोरिया: मार्शल लॉ प्रकरण में पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘केटीवी’ के पूर्व प्रमुख पर ‘विद्रोह प्रचार’ का आरोप तय

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सोल, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल ने 2024 में जब मार्शल लॉ की घोषणा की थी तो सरकारी प्रसारक केटीवी के प्रमुख ली उन-वू ने उसके पक्ष में खबरें ब्रॉडकास्ट कराई थीं। इसे विशेष जांच दल ने ‘विद्रोह का प्रचार’ मानते हुए उनके खिलाफ आरोप तय किए हैं। जांच दल ने उन्हें गिरफ्तार किए बिना मुकदमे के लिए भेज दिया है।

योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक उन पर आरोप है कि 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लागू किए जाने के बाद करीब 10 दिनों तक ली ने केटीवी पर ऐसे समाचार बार-बार प्रसारित करवाए, जिनमें यून के मार्शल लॉ को वैध बताया गया। जांच दल का कहना है कि इस दौरान आपातकालीन कदम की आलोचना करने वाली खबरों को दबाया और हटाया भी गया।

दक्षिण कोरिया के आपराधिक कानून की धारा 90 के तहत विद्रोह को उकसाने या उसका प्रचार करने पर कम से कम तीन साल की सजा का प्रावधान है।

विशेष जांच दल ने इस मामले में कथित विद्रोह की अवधि 4 दिसंबर 2024 तक नहीं, बल्कि 14 दिसंबर 2024 तक मानी है। 14 दिसंबर को नेशनल असेंबली ने यून सुक योल के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित किया था।

ली उन-वू पर पहले भी यून के मार्शल लॉ के खिलाफ आलोचनात्मक सामग्री को सेंसर करने के आरोप में अलग मुकदमा चल चुका है। उस मामले में उन्हें जून में एक साल की सस्पेंडेड जेल सजा सुनाई गई थी। हालांकि, उस समय विशेष जांच दल ने उन्हें ‘विद्रोह के प्रचार’ के आरोप से मुक्त कर दिया था।

मई में मौजूदा विशेष जांच दल ने ली की गिरफ्तारी का वारंट भी मांगा था, लेकिन अदालत ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि आरोपों को लेकर विवाद की गुंजाइश है। केटीवी, संस्कृति, खेल और पर्यटन मंत्रालय से संबद्ध कोरिया पॉलिसी ब्रॉडकास्टिंग सर्विस के तहत संचालित होता है।

इसी मामले में विशेष जांच दल ने नेशनल फायर एजेंसी के पूर्व प्रमुख हियो सुक-गॉन के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया है। उन पर यून के मार्शल लॉ प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, हियो ने तत्कालीन गृह मंत्री ली सांग-मिन के उन आदेशों को आगे पहुंचाया, जिनमें यून के मार्शल लॉ लागू करने के बाद पूर्व राष्ट्रपति के आलोचक मीडिया संस्थानों की बिजली और पानी की आपूर्ति काटने की बात कही गई थी।

पूर्व गृह मंत्री ली सांग-मिन को इसी मामले में मई में अपीलीय अदालत ने विद्रोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का दोषी ठहराते हुए नौ साल जेल की सजा सुनाई थी। उन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की है।