अहमदाबाद, 12 अगस्त (आईएएनएस)। अहमदाबाद सिटी पुलिस ने ‘प्रिवेंशन ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट’ (पासा) के तहत 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और दो दिनों के भीतर उन्हें गुजरात की अलग-अलग जेलों में भेज दिया है। यह कार्रवाई शराब की तस्करी, चोरी, मारपीट और धोखाधड़ी जैसे अपराधों के मामलों में की गई है।
पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत के निर्देश पर अमहदाबाद शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने तलाशी और गाड़ियों की चेकिंग का अभियान जारी रखा है। इसी के तहत यह कार्रवाई की गई।
मंगलवार रात ‘प्रिवेंशन ऑफ क्राइम ब्रांच’ (अपराध रोकथाम शाखा) की ओर से जारी बयान के अनुसार, पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ पीएएसए के तहत कार्रवाई शुरू की है जो कथित तौर पर सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल थे।
हिरासत में लिए गए 13 लोगों में से पांच को पुलिस रिकॉर्ड में शराब तस्कर और आठ को बेहद ही खतरनाक व्यक्ति के तौर पर चिन्हित किया गया है।
शराब तस्करी के मामले बिना जरूरी पास या परमिट के देसी शराब या भारतीय निर्मित विदेशी शराब और बीयर रखने, लाने-ले जाने और बेचने से जुड़े हैं।
खतरनाक श्रेणी में हिरासत में लिए गए लोगों में मोटसाइकिल चोरी और चेन-स्नैचिंग के मामलों का आरोपी रज्जन नाई, मारपीट, धमकी, हथियार और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के तीन मामलों का आरोपी पंकज सोलंकी और गोदाम व दुकान में घुसकर तांबे का कबाड़, तार, पीतल, पाइप और काटने के उपकरण चुराने का आरोपी बाबूभाई मछार है।
पुलिस ने विष्णुप्रसाद पंडित उर्फ बंगाली, अर्जुनप्रसाद रविभाई को भी हिरासत में लिया, जिस पर दुकान के शटर तोड़कर दराज से नकदी चुराने का आरोप है। साथ ही भरत वंजारा को भी हिरासत में लिया गया, जिस पर मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने, घर में घुसने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धमकी देने और चाकू का इस्तेमाल करने के दो मामलों में आरोप हैं।
इस सूची में हिमांशु उर्फ रॉकी पांचाल भी शामिल है, जिस पर आरोप है कि उसने खुद को पुलिस सब-इंस्पेक्टर बताकर शिकायतकर्ता का भरोसा जीता और धोखाधड़ी से नकदी हासिल की।
शराब तस्करी के बाकी मामलों में रमेश खिलेरी, गणपतभाई तलपाडा, रोहित कलाल, जगमलराम बेनीवाल, तेज सिंह उर्फ तालो वकीलसिंह डाभी, विनोद उर्फ भाऊ सोनार और नीलेशकुमार परमार शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर बिना वैध परमिट के शराब लाने-ले जाने, रखने या बेचने में शामिल थे।
अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदेशित तलाशी और गाड़ियों की चेकिंग के जारी अभियान का हिस्सा थी।
पुलिस ने कहा कि जिन लोगों की गतिविधियां भविष्य में अहमदाबाद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बाधा डाल सकती हैं, उनके खिलाफ पीएएसए के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

