Thursday, August 13, 2026
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कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए जीएस पाटिल ने दाखिल किया नामांकन

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बेंगलुरु, 13 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस विधायक जीएस पाटिल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मौजूदगी में कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

पाटिल के नामांकन के दौरान उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के अलावा कई मंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस बीच, कांग्रेस एमएलसी सलीम अहमद ने कर्नाटक विधान परिषद के अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस पद के लिए शुक्रवार को चुनाव होना है।

सलीम अहमद ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की मौजूदगी में विधान परिषद सचिव के कार्यालय में अपने नामांकन पत्र जमा किए। वहीं, भाजपा एमएलसी ने विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी के नेतृत्व में एक बैठक की और विधान परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव और विकास कार्यों पर चर्चा की।

गौरतलब है कि कर्नाटक विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने कहा था कि उन्हें मजबूरी में अपने इस्तीफे के पत्र पर हस्ताक्षर करने पड़े क्योंकि उन्हें उस दिन इस्तीफा देने का मौका नहीं दिया गया, जिस दिन उन्होंने योजना बनाई थी।

होरट्टी ने कहा कि उन्होंने अपने इस्तीफे से जुड़ी सभी जानकारी राज्यपाल को दे दी थी लेकिन उन्हें इस बात की पुष्टि करने वाला कोई संदेश नहीं मिला कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है या नहीं।

होरट्टी ने कहा, “मैंने इस संबंध में राज्यपाल को सब कुछ बता दिया है। राज्यपाल ने मुझे कोई सूचना नहीं दी है। उन्होंने यह नहीं बताया है कि मुझे पद से मुक्त कर दिया गया है या मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। जहां तक मुझे पता है, अगर मुझे प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है, तो इसका मतलब है कि मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।”

होरट्टी ने राज्य सरकार द्वारा इस मामले को संभालने के तरीके पर निराशा जताई और कहा कि वे इन घटनाक्रमों से आहत हैं। उन्होंने कहा, “मैं राज्य सरकार के इस कदम से दुखी हूं। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मुझे दुख है। मैं 46 वर्षों से सदन में हूं और अपनी सेवाएं दी हैं। मुझे मजबूरी में इस्तीफा देना पड़ा। मैं टकराव की स्थिति नहीं चाहता था।”

होरट्टी ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ अपने इस्तीफे के समय पर चर्चा की थी। शिवकुमार और उनके बीच इस मामले पर एक सहमति बनी थी।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के साथ मेरी बातचीत में यह तय हुआ था कि 14 अगस्त को उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। मैंने कहा था कि उस दिन मुझे अपना आभार व्यक्त करने का मौका मिलेगा। मैंने उनसे कहा था कि उस दिन आभार व्यक्त करने के बाद मैं अपना इस्तीफा सौंप दूंगा। मैंने इस बारे में घोषणा भी की थी।”