Friday, August 14, 2026
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    ‘चिप्स टू स्टार्टअप्स’ प्रोग्राम में 68,000 से अधिक छात्रों को मिला प्रशिक्षण, डिजाइन इकोसिस्टम भी मजबूत हुआ

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    नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए अब तक ‘चिप्स टू स्टार्टअप्स’ (सी2एस) कार्यक्रम के तहत 68,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को दी गई।

    केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि सी2एस कार्यक्रम का लक्ष्य सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले बीटेक, एमटेक और पीएचडी स्तर के 85,000 उद्योग-तैयार पेशेवर तैयार करना है।

    सीटूएस कार्यक्रम के तहत देशभर के 332 शैक्षणिक संस्थानों को सिनॉप्सिस, कैडेंस, सीमेंस ईडीए, एन्सिस, कीसाइट, सिलवाको, रेनैसास-अल्टियम, एएमडी-जिलिंक्स, एस्टरक्वांटा, कॉम्पकार्टा, कैड्रे और एएमडी-जिलिंक्स जैसी कंपनियों के उन्नत इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स तक पहुंच प्रदान की गई है।

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भाग लेने वाले संस्थानों ने अब तक 254 चिप डिजाइन सफलतापूर्वक ‘टेप-आउट’ किए हैं। इनमें 175 डिजाइन एससीएल, मोहाली में 180एनएम टेक्नोलॉजी नोड पर और 79 डिजाइन विदेशों में स्थित सेमीकंडक्टर फाउंड्री में तैयार किए गए हैं।

    आंध्र प्रदेश में सी2एस कार्यक्रम के तहत 23 शैक्षणिक संस्थानों को उन्नत ईडीए टूल्स तक पहुंच प्रदान की गई है, जिनका कुल उपयोग 4.34 लाख से अधिक टूल घंटे रहा है।

    प्रसाद ने आगे कहा कि ये परियोजनाएं फिलहाल डिजाइन और विकास के विभिन्न चरणों में हैं। इनके सेमीकंडक्टर फाउंड्री में टेप-आउट सहित प्रोटोटाइप वैलिडेशन की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद है।

    इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (ईएचटीपी) ने भारत के निर्यात-केंद्रित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूत किया है।

    ईएचटीपी इकाइयों की संख्या बढ़कर 79 हो गई है और वित्त वर्ष 2025-26 में इनका निर्यात 11,100 करोड़ रुपए से अधिक हो गया।

    ईएचटीपी योजना भारत से इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 100 प्रतिशत निर्यात-उन्मुख योजना है। एसटीपीआई, ईएचटीपी योजना के तहत सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से वैधानिक सेवाएं उपलब्ध कराता है। सरकार ने बताया कि ईएचटीपी योजना के तहत कोई फंड आवंटन नहीं किया जाता है।

    पात्र ईएचटीपी इकाइयों को मिलने वाले प्रोत्साहन और वित्तीय लाभ ‘विदेश व्यापार नीति 2023’ के प्रावधानों के तहत निर्धारित होते हैं।