चंडीगढ़, 14 अगस्त (आईएएन)। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) आधारित डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) व्यवस्था का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण एवं नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री (खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण) निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। चौहान ने कहा कि यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता, सुरक्षा और समयबद्धता लाने का अहम कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में किसानों व गरीबों के हित से कोई समझौता नहीं होगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि सीबीडीसी‑आधारित डीबीटी के जरिए राशन और खाद्यान्न का भुगतान सीधे, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचेगा। चंडीगढ़ में शुरू यह प्रयोग देशव्यापी मॉडल के रूप में अपनाया जाएगा। नई व्यवस्था में तकनीकी पाबंदियां इस तरह लगाई गई हैं कि लाभार्थी केवल खाद्यान्न व अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं की खरीद पर ही लेनदेन कर सके ताकि पैसा गलत जगह खर्च न हो। साथ ही, लाभार्थियों को चॉइस की सुविधा भी मिलेगी। वे गेहूं‑चावल के अलावा दाल या अन्य जरूरी खाद्य पदार्थ चुन सकेंगे। चौहान ने विभागीय टीम और अधिकारियों की तारीफ करते हुए इसे बड़ा नवाचार बताया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने स्पष्ट किया कि कृषि नीतियों और खाद्य सुरक्षा के मामले में किसानों के हित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसानों के लिए जितने भी समझौते दुनियाभर के देशों से हुए वो राष्ट्रहित, किसानहित और जनताहित सर्वोपरी की अवधारणा को लेकर हुए। बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष को इसमें भी तकलीफ है। उन्होंने देश के गेहूं‑धान के मजबूत भंडारों का हवाला देते हुए कहा कि अब भारत अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर निर्यात भी करता है। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसान सम्मान निधि और अन्य लाभों की पारदर्शी डिलीवरी जारी रहेगी और किसानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री चौहान ने संसद में हो रही बाधाओं और विपक्ष के व्यवहार पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवधान संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान हैं और देशहित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। चौहान ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में बहस जरूरी है, पर व्यवधान अस्वीकार्य है।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की सराहना की और कहा कि 80 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराना देश की बड़ी सामाजिक सुरक्षा है। चौहान ने बताया कि यह योजना सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं है; इससे परिवारों की आर्थिक मजबूती आएगी और खर्च बचकर बच्चों की पढ़ाई व अन्य आवश्यकताओं पर लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब भूखा न रहे और हर थाली में भोजन की कमी न हो।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डीबीटी से लाभ सीधे खाताधारक के पास पहुंचते हैं, जिससे मध्यस्थता और घपला कम हुआ है। साथ ही उन्होंने माना कि नकद मिलने के बाद गलत उपयोग का जोखिम रहता, इसलिएए सीबीडीसी‑आधारित व्यवस्था में तकनीक ऐसी रखी गई है कि लाभार्थी का भुगतान सीधे राशन/खाद्य पदार्थ पर खर्च हो और गलत इस्तेमाल रोका जा सके। इस तकनीकी नवाचार के लिए उन्होंने विभाग की तारीफ की।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ की विशेषता व नागरिक चेतना का जिक्र करते हुए कहा कि इस शहर में शुरू यह प्रयोग सफल होने पर धीरे‑धीरे पूरे देश में लागू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय बाधाओं को दूर कर व्यवस्था का विस्तार सुनिश्चित किया जाए ताकि हर परिवार तक सुविधाएं पहुंचे। चौहान ने चंडीगढ़ की तारीफ में कहा कि यहां अनुशासन, सफाई और शहरी जिम्मेदारी का भाव है।
स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि हमें देश के लिए जीने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए और नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ की अपील की और कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने का सबसे बेहतर तरीका है कि हम ईमानदारी से काम करें और देश के विकास में योगदान दें। चौहान ने नागरिकों से पर्यावरण‑हित का काम (जैसे पौधा लगाना) करने की भी अपील की।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संकल्प को दोहराया कि ‘सरकार फाइल में नहीं, जनता की लाइफ में दिखनी चाहिए’। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम इसी सोच का नतीजा है, जहां तकनीक और नीतियां आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी में सुधार ला रही हैं। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार जनता की सेवा में हरसंभव प्रयास कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जाएंगे जिनमें ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य भी शामिल है जिसके तहत 2029 तक 6 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति बनाने का संकल्प है।

