Friday, August 14, 2026
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बेंगलुरु : मंदिर में महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर को थप्पड़ मारने का आरोप, भाजपा विधायक की बेटी पर एफआईआर

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बेंगलुरु, 14 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के भाजपा विधायक बी सुरेश गौड़ा की बेटी पर भीम अमावस्या के अवसर पर मंदिर में ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) के साथ मारपीट और थप्पड़ मारने का आरोप लगा है।

यह घटना बुधवार को मांड्या जिले के श्रीरंगपट्टन तालुक के अराठी उक्कड़ा स्थित श्री लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में हुई, जहां हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए थे।

शिकायत के अनुसार, विधायक की बेटी ऐश्वर्या वीआईपी कतार के जरिए गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थीं। उन्हें सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पीएसआई सविता बी. पाटिल ने रोक दिया।

बताया गया है कि पीएसआई ने ऐश्वर्या से कहा कि मंदिर में काफी भीड़ है और वह उस समय अंदर नहीं जा सकतीं। इस दौरान सिविल ड्रेस में ड्यूटी कर रहीं सर्किल इंस्पेक्टर लक्ष्मी गर्भगृह की ओर बढ़ीं। ऐश्वर्या ने सवाल किया कि सर्किल इंस्पेक्टर को अंदर जाने की अनुमति क्यों दी गई। इस पर सविता ने बताया कि लक्ष्मी अपनी आधिकारिक ड्यूटी के तहत अंदर जा रही हैं।

इसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बहस के दौरान ऐश्वर्या ने सविता को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद सविता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर क्यातनहल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 132, 115(2), 352 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

ऐश्वर्या मांड्या के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) गौतम की पत्नी भी हैं। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तुमकुरु ग्रामीण क्षेत्र के भाजपा विधायक बी. सुरेश गौड़ा ने अपनी बेटी के कथित व्यवहार के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने बेटी को सार्वजनिक जीवन में संयम बरतने की सलाह दी थी।

उन्होंने कहा, “यह घटना खराब समय में हुई है। मेरी बेटी ने जो किया, उसके लिए मैं माफी मांगता हूं। इस मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और मैं इसकी जानकारी लूंगा।”

विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बेटी की शिकायत स्वीकार नहीं की। उन्होंने मामले को पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक (डीजी एवं आईजीपी) के संज्ञान में लाते हुए विभागीय जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा, “अगर मेरी बेटी की गलती है, तो जो उचित कार्रवाई हो, वह की जाए।”

सुरेश गौड़ा ने मंदिरों में वीआईपी दर्शन व्यवस्था की भी आलोचना की। उनका कहना था कि इससे आम श्रद्धालुओं को परेशानी होती है और पुलिस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। मेरी राय में वीआईपी दर्शन व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। भगवान के सामने सभी बराबर हैं और सभी को कतार में लगकर दर्शन करने चाहिए। इससे पुलिस पर दबाव भी कम होगा।

उन्होंने माना कि उनकी बेटी का कथित व्यवहार उचित नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं बेटी की ओर से माफी मांगता हूं। जनता के प्रतिनिधि होने के नाते हमें सभी सार्वजनिक स्थानों पर सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। हमें घमंड नहीं दिखाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “उसके साथ दो बच्चे थे, इसलिए उसे और धैर्य रखना चाहिए था। उसने गलती की है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।”