नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत दूरसंचार विभाग (डीओटी) 17 से 21 अगस्त तक पुणे में पांच दिवसीय ब्रिक्स सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) ट्रैक की मेजबानी करने जा रहा है। संचार मंत्रालय के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच डिजिटल सहयोग को मजबूत करना तथा सुरक्षित, समावेशी और लचीले डिजिटल इकोसिस्टम के विकास को बढ़ावा देना है।
शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में संचार मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स मंच के अंतर्गत देश भर में आयोजित की जा रही विभिन्न बैठकों की शृंखला के हिस्से के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में सदस्य देशों के संचार मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और आईसीटी क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे। ब्रिक्स समूह में वर्तमान में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
संचार मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में तीन प्रमुख आयोजन होंगे, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना है। बैठकों के दौरान सार्वभौमिक, सस्ती, टिकाऊ और मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए आईसीटी इकोसिस्टम विकसित करने, सुरक्षित एवं मानव-केंद्रित डिजिटल वातावरण बनाने तथा डिजिटल कौशल और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), अगली पीढ़ी की संचार तकनीकों, स्टार्टअप्स, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के उपायों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत का प्रयास ब्रिक्स देशों के बीच उभरती डिजिटल तकनीकों में सहयोग बढ़ाने और साझा अवसरों की पहचान करने का है।
कार्यक्रम के तहत 20 अगस्त 2026 को डिजिटल ब्रिक्स फोरम और एक्सपो का आयोजन भी किया जाएगा। यह मंच सदस्य देशों को उभरती डिजिटल प्रौद्योगिकियों, नवाचारों और मजबूत आईसीटी इकोसिस्टम से जुड़े अपने अनुभव साझा करने का अवसर देगा।
मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स देशों के मंत्री सतत और लचीले आईसीटी इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा एवं विश्वसनीय डिजिटल नेटवर्क, डिजिटल स्किलिंग और क्षमता निर्माण, तथा स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा करेंगे। भारत की अध्यक्षता के दौरान यह बैठक डिजिटल सहयोग को नई गति देने और सदस्य देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

