नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। आजकल लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, मोबाइल पर झुककर रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कमर और पीठ से जुड़ी परेशानियां आम होती जा रही हैं। ऐसे में योग शरीर को एक्टिव रखने का एक आसान तरीका हो सकता है। योग के कई आसनों में शलभासन (लोकस्ट पोज) को खास माना जाता है। यह आसन मुख्य रूप से पीठ, जांघों और हिप्स की मांसपेशियों को सक्रिय करता है।
शलभासन देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन इसे करते समय शरीर के कई हिस्से एक साथ काम करते हैं। इस आसन में पेट के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाने का प्रयास किया जाता है। इससे पीठ और कमर के आसपास की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। यही वजह है कि इसे बैक स्ट्रेंथ बढ़ाने वाले योगासनों में शामिल किया जाता है।
नियमित और सही तरीके से शलभासन का अभ्यास करने से पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों को हल्का लोअर बैक दर्द या साइटिका जैसी समस्या रहती है, उनके लिए भी यह आसन उपयोगी हो सकता है, हालांकि किसी भी तरह के गंभीर दर्द या चोट की स्थिति में इसे खुद से करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
शलभासन के दौरान पैरों को ऊपर उठाने से जांघों और हिप्स की मांसपेशियों पर भी काम होता है। नियमित अभ्यास शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। अगर आपकी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि कम है, तो योग के साथ इसे शामिल करना शरीर को एक्टिव रखने का अच्छा तरीका हो सकता है।
शलभासन में पेट के बल लेटकर शरीर को उठाने के कारण छाती और सांस लेने की प्रक्रिया पर भी ध्यान जाता है। नियमित योग अभ्यास समग्र रूप से सांस लेने की क्षमता और श्वसन स्वास्थ्य को सपोर्ट कर सकता है। इसे करते समय सांस को रोकने के बजाय सामान्य और सहज तरीके से सांस लेना जरूरी है।
यह योगासन वेट मैनेजमेंट के लिए भी अच्छा होता है, हालांकि बेहतर परिणाम के लिए संतुलित खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि के साथ योग करना ज्यादा फायदेमंद रहता है।

