नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। योग हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन को शांत और संतुलित रखने में प्रभावी होता हैं। योग के विभिन्न आसनों में ‘अर्ध तितली’ आसन एक सरल और उपयोगी आसन माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से चुस्ती-फुर्ती आती है और लंबे समय तक बैठने से होने वाली जकड़न भी कम होने में सहायता मिलती है।
इस आसन को अंग्रेजी में हाफ बटरफ्लाई पोज भी कहते हैं। यह आसन शरीर को खींचने, मजबूत करने और लंबा करने में मदद करता है। इससे कुल्हे और हैमस्ट्रिंग खुलने में मदद मिलती है, जांघों के अंदरूनी हिस्से, ग्रोइन और घुटनों में अच्छी तरह से खिंचाव आता है। साथ ही, रीढ़ की हड्डी लंबी होती है और उसमें लचीलापन बढ़ता है। यह आसन शरीर को लचीला बनाता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, अर्ध तितली आसन (हाफ बटरफ्लाई पोज) एक महत्वपूर्ण सूक्ष्म व्यायाम है। इसमें एक पैर को जांघ पर रखकर घुटने को ऊपर-नीचे चलाया जाता है। इससे रिलैक्सेशन मिलता है, शरीर की कसी हुई मांसपेशियां ढीली होती है और पैरों की मांसपेशियों में मजबूती आती है।
मेडिटेशन से पहले करने के लिए यह बहुत बढ़िया अभ्यास है। इसे रोजाना करने से बैठने का पोस्चर सुधरता है और पुराने दर्द में भी आराम मिलता है। ये आसन उन लोगों के लिए खास फायदेमंद है, जिन्हें पालथी मारकर बैठने में दिक्कत होती है। आधा तितली आसन को हर दिन सुबह और शाम करने से सिर्फ पीठ को आराम ही नहीं मिलता, बल्कि शरीर में लचीलापन भी बढ़ता है और मेडिटेशन करने में मदद मिलती है।
इस आसन को करना बेहद आसान है। इसे करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ और दोनों टांगें सीधी करके बैठें। अब दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर की जंघा के ऊपर रखें। दाएं हाथ से दाएं घुटने को पकड़ें, घुटने को धीरे-धीरे 10 बार ऊपर और नीचे उठाएं। पैर बदलकर यही क्रिया बाएं पैर से करें। इस आसन को अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। ज्यादा जोर न दें। रोजाना करने से शरीर की मांसपेशियां खुलेंगी और आसन करने में आराम होगा।
टखने, घुटने या कूल्हे में गंभीर चोट या दर्द होने पर इस अभ्यास से बचें।

