Monday, August 17, 2026
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एनएफआर ने सुरक्षा, आधुनिकीकरण और कनेक्टिविटी को दी प्राथमिकता, 2026 में दर्ज की मजबूत वृद्धि

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गुवाहाटी, 16 अगस्त (आईएएनएस)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने वर्ष 2026 में अब तक सुरक्षा, आधुनिकीकरण, यात्री कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। एनएफआर के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता “100 प्रतिशत सुरक्षा, शून्य जोखिम” के सिद्धांत के तहत यात्रियों और रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

गुवाहाटी के समीप मालीगांव स्थित एनएफआर मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और उन्नत तकनीकों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। ट्रेनों, पटरियों और महत्वपूर्ण रेल ढांचे की निगरानी में भी सुधार किया गया है।

उन्होंने बताया कि लेवल क्रॉसिंग गेट को खत्म करने और नए फुट ओवर ब्रिज बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे यात्रियों और रेल परिचालन की सुरक्षा बेहतर हो सके।

महाप्रबंधक के मुताबिक, 130 से अधिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में कवच प्रणाली को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा पूरे जोन में 30 हॉट बॉक्स डिटेक्टर और तीन ऑटोमेटिक ट्रेन एग्जामिनेशन सिस्टम लगाए गए हैं। इन तकनीकी उपायों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना तथा रेल परिचालन की अधिक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना है।

श्रीवास्तव ने कहा कि 2026 में यात्री कनेक्टिविटी को भी बड़ा बढ़ावा मिला है। इस दौरान वंदे भारत स्लीपर, अमृत भारत और अन्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों सहित 14 जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं।

यात्रियों की अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए अधिक यातायात वाले विभिन्न समय में विशेष ट्रेनों की 674 यात्राएं भी संचालित की गईं।

उन्होंने कहा कि कामाख्या से भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और त्रिपुरा के अगरतला से दक्षिणी असम के करीमगंज के बीच पहली मेमू सेवा की शुरुआत पूर्वोत्तर में आधुनिक, तेज और बेहतर रेल कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

एनएफआर ने कारोबारी और माल ढुलाई प्रदर्शन में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की है। अप्रैल से जुलाई के बीच एनएफआर की अपॉर्शन की गई आय 2,744 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है।

इस अवधि में टिकट जांच से होने वाली आय में भी 37 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की आय भी 18 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई, जो इसी अवधि के लिए अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। एनएफआर के अनुसार, यह विरासत रेलवे के प्रति पर्यटकों और यात्रियों की निरंतर लोकप्रियता को दर्शाता है।

माल ढुलाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सात नए फ्रेट टर्मिनल और हाबाइपुर तथा बैहाटा में दो गति शक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए गए हैं। इन सुविधाओं से माल संभालने की क्षमता बढ़ने और सामान की तेज एवं अधिक कुशल आवाजाही में मदद मिलने की उम्मीद है।

जुलाई में भारत से पहली कंटेनर ट्रेन नेपाल पहुंची, जो सीमा पार माल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे क्षेत्रीय व्यापार और रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिली है।

इसके अलावा जोगीघोपा रेलवे स्टेशन यार्ड और जोगीघोपा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के बीच रेल संपर्क का काम पूरा हो गया है। इससे रेलवे कनेक्टिविटी को लॉजिस्टिक्स हब से जोड़ने और क्षेत्र के मल्टी-मॉडल परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने का रास्ता साफ हुआ है।

बुनियादी ढांचे के विकास, विद्युतीकरण और पर्यावरणीय स्थिरता पर भी एनएफआर ने विशेष ध्यान दिया। जनवरी से जुलाई के बीच जोन ने 23.7 मेगावाट पीक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की, जो भारतीय रेलवे के सभी जोन में सबसे अधिक है।

इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और रेलवे परिचालन को अधिक स्वच्छ एवं टिकाऊ बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इस दौरान चार पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों- कामाख्यागुड़ी, मजबाट, जलपाईगुड़ी रोड और हल्दीबाड़ी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया। इन स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है।

एनएफआर के महाप्रबंधक ने बाढ़ से प्रभावित सिमालुगुड़ी में रेलवे ट्रैक को महज 17 दिनों में बहाल करने के लिए एनएफआर की टीम के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान 700 से अधिक रेलवे कर्मचारियों ने दिन-रात काम कर महत्वपूर्ण रेल ढांचे को बहाल किया और ट्रेन सेवाएं फिर शुरू कराईं।

न्यू हरंगाजाओ में भी खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों से प्रभावित रेल ढांचे को बहाल करने का काम जारी है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण इलाकों में रेल कनेक्टिविटी बनाए रखना एनएफआर के लिए बड़ी चुनौती है।

श्रीवास्तव ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, खिलाड़ियों, रेलवे कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि एनएफआर सुरक्षित, आधुनिक, कुशल और टिकाऊ रेल परिवहन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे के विकास, माल ढुलाई, विद्युतीकरण और स्थिरता से जुड़ी एनएफआर की पहल “विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप हैं।