जम्मू-कश्मीर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) कश्मीर की ओर से क्राइम ब्रांच की जांच को प्रभावित करने की कोशिश के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। ईओडब्ल्यू ने श्रीनगर में एंटी-करप्शन के स्पेशल जज की अदालत में बडगाम जिले के मिरगुंड के रहने वाले गुलाम अहमद गनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
गुलाम अहमद गनी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 और बीएनएस की धारा 228 और 229 के तहत दंडनीय संज्ञेय अपराध करने का आरोप है। यह जांच एक लिखित शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने एक जांच अधिकारी के बैंक खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए थे। ऐसा कथित तौर पर रिश्वत देने और उस मामले की जांच को प्रभावित करने के इरादे से किया गया था।
शिकायत मिलने पर जांच के आदेश दिए गए। जांच के दौरान, आरोपों की बारीकी से जांच की गई और संबंधित सबूत जुटाए गए। जांच में कथित घटना में आरोपी की संलिप्तता साबित हुई, जिसके बाद चार्जशीट तैयार की गई और कानून के अनुसार न्यायिक निर्णय के लिए अदालत के समक्ष पेश की गई।
ईओडब्ल्यू की ओर से अपील की गई है कि आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सरकारी कर्मचारी को कोई सुविधा या सेवा प्राप्त करने के लिए रिश्वत न दें और न ही रिश्वत की पेशकश करें। रिश्वत की किसी भी मांग या भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल होने की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और पारदर्शिता व जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए जनता का सहयोग और समय पर सूचना देना बहुत जरूरी है।
इससे पहले 8 अगस्त को भी एक और मामले में ईओडब्ल्यू की ओर से कार्रवाई की गई थी। ईओडब्ल्यू जम्मू की ओर से जारी बयान के अनुसार, यह मामला डोडा जिले के कई निवासियों द्वारा दी गई संयुक्त लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि किश्तवाड़ के दच्छन क्षेत्र के निवासी बिलाल अहमद, जो वर्तमान में दुबई में रह रहा है, ने दुबई में वीजा और नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।

