Wednesday, August 19, 2026
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तानिया सचदेव: चेस की ‘ग्लैमर गर्ल’, 8 साल की उम्र में जीता पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब

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नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय शतरंज की दुनिया में तानिया सचदेव का नाम बेहद लोकप्रिय है। तानिया शतरंज के साथ ही बतौर मॉडल और प्रेजेंटेर (प्रस्तोता) भी सक्रिय और सफल हैं। यही वजह है कि उन्हें ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ के साथ ही भारतीय शतरंज की ‘ग्लैमर गर्ल’ भी कहा जाता है।

तानिया सचदेव का जन्म 20 अगस्त 1986 को दिल्ली में हुआ था। 6 साल की उम्र से ही वे शतरंज (चेस) की दुनिया से वाकिफ हैं और उसी समय से उन्होंने इस दिमागी खेल का दाव-पेंच सीखना शुरू कर दिया था। शुरूआत में केसी जोशी से सचदेव ने शतरंज की बारीकियां सीखीं।

सचदेव में 8 साल की उम्र में ही अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतकर यह साबित कर दिया था कि शतरंज की दुनिया में उनका सफर बहुत लंबा है।

अंडर 12 डिवीजन में उन्होंने विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया। साल 2002 में एशियन जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली तानिया साल 2005 में विमेंस ग्रैंडमास्टर का खिताब जीतने वाली आठवीं भारतीय थीं।

इसके बाद 2006 और 2007 में उन्होंने नेशनल महिला प्रीमियर शतरंज चैंपियनशिप जीती। साल 2007 में ही उन्होंने महिला एशियाई शतरंज चैंपियनशिप भी अपने नाम की। 2015 में तानिया ने रेक्जाविक ओपन में सर्वश्रेष्ठ महिला का पुरस्कार जीता था। इसी वर्ष एशियन कॉन्टिनेंटल विमेंस रैपिड चेस चैंपियनशिप में भी रजत पदक उनके नाम रहा। 2016, 2018 और 2019 में तानिया कॉमनवेल्थ विमेंस चेस चैंपियनशिप रहीं।

तानिया सितंबर 2024 में शतरंज में ओलंपियाड में देश का पहला स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य रहीं। वह इंटरनेशनल मास्टर्स (आईएम) खिताब 2008 में और विमेंस ग्रैंड मास्टर्स (डब्ल्यूजीएम) खिताब 2005 में जीत चुकी हैं।

शतरंज की दुनिया में तानिया अभी भी सक्रिय हैं। हालांकि, वह अब कम प्रतियोगिताओं में नज़र आती हैं। वह वैश्विक स्तर की एक लोकप्रिय शतरंज कमेंटेटर और प्रेजेंटर हैं। शतरंज में बेहतरीन प्रदर्शन और इस खेल में देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने के लिए तानिया सचदेव को 2009 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।