Wednesday, August 19, 2026
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हनूर एनकाउंटर पर तमिलनाडु विधानसभा में लाया गया प्रस्ताव कर्नाटक का अपमान : भाजपा

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बेंगलुरु, 19 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित उस प्रस्ताव का विरोध किया, जिसमें चामराजनगर जिले के हनूर के पास एक मुठभेड़ में तीन कथित शिकारियों की मौत का मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने कहा कि यह मामला कर्नाटक से जुड़ा है और इसे राज्य के भीतर ही सुलझाया जाना चाहिए।

बेंगलुरु में बुधवार को मीडिया से बात करते हुए अशोक ने कहा, “तमिलनाडु विधानसभा ने एक प्रस्ताव पास किया है। यह प्रस्ताव हमारे राज्य का अपमान है। यह कर्नाटक से जुड़ा मामला है और इसे यहीं सुलझाया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि मरने वाले कर्नाटक के मतदाता थे और तमिलनाडु सरकार द्वारा उनके परिवारों को 15 से 20 लाख रुपए का मुआवजा देने की खबरों पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, “अगर वे कहते हैं कि वे मुआवजे के तौर पर 15 से 20 लाख रुपए देंगे, तो यह अच्छी बात नहीं है।” अशोक ने कहा कि तमिलनाडु एक पड़ोसी राज्य है और उन्होंने इस घटना को भाषाई मुद्दा न बनाने की चेतावनी दी।

उन्होंने कहा, “वे इसे भाषा का मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। तमिलनाडु के नेताओं का ऐसा करना सही नहीं है।” उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों के बीच ऐसी घटनाओं को सही तरीकों से सुलझाया जाना चाहिए।

हालांकि, भाजपा नेता ने कहा कि कर्नाटक वन विभाग द्वारा इस घटना को संभालने के तरीके पर गंभीर सवाल उठे हैं।उन्होंने कहा, “इस मामले में वन विभाग की गलती साफ दिख रही है। हर दिन दस्तावेज जारी किए जा रहे हैं।”

अशोक ने घटना के दौरान भागने वाले लोगों में से एक के कथित तौर पर जारी किए गए वीडियो का भी जिक्र किया।

अशोक के मुताबिक, उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसे पुलिस से डर लग रहा था और इसलिए वह सामने नहीं आया। इन घटनाक्रमों से शक पैदा हुआ है कि कर्नाटक सरकार घटना से जुड़े तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रही है।

अशोक ने आरोप लगाया, “ये सभी घटनाक्रम बताते हैं कि कर्नाटक सरकार कुछ छिपा रही है।” अगर राज्य सरकार ने शुरू में ही घटना की ठीक से जांच की होती, तो इस विवाद से बचा जा सकता था।

उन्होंने कहा कि अगर कर्नाटक सरकार ने जांच की होती, तो यह संकट पैदा नहीं होता। उन्होंने तमिलनाडु सरकार को एक हथियार दे दिया है। उन्होंने कर्नाटक सरकार से एनकाउंटर की व्यापक जांच का आदेश देने और तथ्यों को सार्वजनिक करने की अपील की।

अशोक ने कहा, “मैं अभी भी सरकार से मामले की ठीक से जांच करने की अपील कर रहा हूं।”

इस बीच, चामराजनगर जिले के हनूर वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में शामिल वन अधिकारियों ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह एक ऑपरेशन के दौरान कथित शिकारियों के एक समूह ने उन पर गोली चलाई, जिसके जवाब में उन्होंने आत्मरक्षा में गोलीबारी की।

सहायक वन संरक्षक मारिस्वामी ने बताया कि यह घटना 15 अगस्त को सुबह करीब 5 बजे हुई। इससे पहले वन कर्मचारियों को पिछली रात जंगल के अंदर टॉर्च की रोशनी और गोली चलने की आवाज के बारे में जानकारी मिली थी।

मारिस्वामी के अनुसार, जानकारी मिलने के बाद वन अधिकारियों ने दो टीमें बनाईं और संदिग्ध शिकारियों का पता लगाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। टीमों ने अपनी गाड़ियाँ रोकीं और पैदल ही जंगल में आगे बढ़े।

कर्मचारी संदिग्ध शिकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कराडिकलगुड्डा पहाड़ी पर चढ़े और बाद में उन्हें देखा। मारिस्वामी ने बताया कि वन कर्मचारियों ने कथित तौर पर उस समूह को चेतावनी दी, लेकिन संदिग्ध शिकारियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद कर्मचारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई।

गोलीबारी रुकने के बाद, वन कर्मचारी उस जगह पर वापस लौटे और पाया कि तीन लोग गोली लगने से जमीन पर पड़े थे।

मारिस्वामी ने बताया कि जहां ये तीन लोग मिले, वह जगह उनके गांव से जंगल के अंदर लगभग पांच किलोमीटर दूर थी। उनके अनुसार, उस जगह तक पैदल पहुंचने के लिए लगभग सात से आठ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती।

मारिस्वामी ने कहा, “उनके लिए जंगल में इतनी दूर जाने की कोई जरूरत नहीं थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग सुनियोजित और संगठित तरीके से शिकार करने के लिए जंगल में घुसे थे।

वन विभाग ने उस जगह से और संदिग्ध शिकारियों के पास मौजूद बैग से कई चीजें भी जब्त की। इनमें खाने-पीने का सामान, देसी बंदूकें, गोला-बारूद और शिकार के लिए जरूरी अन्य सामान शामिल थे।

मारिस्वामी ने कहा कि खाने-पीने का सामान और अन्य चीजें मिलने से पता चलता है कि उस समूह ने कथित तौर पर कई दिनों तक जंगल में रहने की योजना बनाई थी।

उन्होंने कहा, “जूते-चप्पल और अन्य सामान सहित सभी चीजें बैग में मिली और उन्हें जब्त कर लिया गया है।” एसीएफ ने बताया कि विभाग ने गोला-बारूद और शिकार के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं।