Wednesday, August 19, 2026
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बीआरएस नेता हरीश राव नजरबंद, उन्हें टीआईएमएस जाने से रोका गया

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हैदराबाद, 19 अगस्त (आईएएनएस)। हैदराबाद पुलिस ने बुधवार को तेलंगाना विधानसभा में उपनेता टी. हरीश राव और पार्टी से जुड़े दूसरे नेताओं को नजरबंद कर लिया गया। इन नेताओं को तेलंगाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में जाने से रोकने के लिए नजरबंद किया गया।

हरीश राव के कोकापेट के आवास के पास तनाव जारी है क्योंकि पुलिस ने उन्हें सनतनगर के टीआईएमएस जाने से रोक दिया। टीआईएमएस का उद्धाटन 17 अगस्त को सीएम रेवंत रेड्डी ने किया था।

हरीश राव की गाड़ी को पुलिस ने रोक दिया। हालांकि, पूर्व मंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें फैकल्टी से मिलने दिया जाए, क्योंकि इसकी नींव भारत राष्ट्र समिति के शासनकाल में ही रखी गई थी।

हरीश राव ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को इस बात का डर है कि उनके दौरे से टीआईएमएस में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो जाएगा।

पुलिस की इस कार्रवाई से आक्रोशित बीआरएस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और हरीश राव के समर्थकों के बीच झड़प हो गई।

वहीं, बीआरएस विधायक सुधीर रेड्डी भी नजरबंद की खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंचे। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज को नजरबंद के जरिए दबाने की कोशिश कर रही है।

पूर्व मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी और तलसानी श्रीनिवास यादव को भी नजरबंद किया गया। हरीश राव ने हिरासत में लिए जाने और नजरबंद किए जाने की आलोचना की।

उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी इसलिए हुई है, ताकि अस्पतालों की दयनीय दशा और सरकार की विफलता के बारे में किसी को भी पता नहीं लग सके।

हरीश राव ने नेताओं के नजरबंद किए जाने की कार्रवाई को नृशंस बताया। उन्होंने कहा कि यहग अफसोस की बात है कि जनता से जुड़े मुद्दे उठाने की वजह से नेताओं को नजरबंद किया जा रहा है। साथ ही, राज्य सरकार पर अघोषित आपातकाल और पुलिस कार्रवाई के बलबूते विपक्षी दलों की आवाज को दबाने का आरोप लगाया।

बीआरएस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार टीआईएमएस अस्पताल के निर्माण में जानबूझकर विलंब कर रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीआईएमएस अस्पताल में मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा दिए जाने से रोका जा रहा है। उन्हें इस बात का डर है कि अगर अस्पताल में चिकित्सकीय सुविधाएं दी जाने लगी, तो कहीं इसका श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव को नहीं चले जाए।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण बीआरएस सरकार द्वारा शुरू किया गया था लेकिन कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद यह पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया।