नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा है, जो राजधानी में गैर-कानूनी तरीके से रह रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच ने उस व्यक्ति को 15 अगस्त को पुरानी दिल्ली इलाके से गिरफ्तार किया।
जांच अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिक नेपाल बॉर्डर से भारत में दाखिल हुआ था और दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में काम कर रहा था।
आरोपी की मां पहले भारतीय नागरिक थी और पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति से शादी करने से पहले राजधानी की ही रहने वाली थी। शादी के बाद उन्होंने पाकिस्तानी नागरिकता ले ली।
क्राइम ब्रांच समेत केंद्रीय एजेंसियों ने पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ की। पुलिस ने कहा कि इसमें कोई आतंकी कनेक्शन नहीं मिला है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) को सौंप दिया है और उसे पाकिस्तान वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राजधानी में विदेशियों के गैर-कानूनी रूप से रहने के एक ऐसे ही मामले में दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ (सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट) के फॉरेनर सेल ने पिछले हफ्ते ‘ऑपरेशन विस्टा 1.0’ के तहत दो बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा, जो अपने वीजा की तय अवधि से ज्यादा समय तक रुके हुए थे।
राजधानी में रह रहे विदेशी नागरिकों के वीजा स्टेटस की जांच करने और इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए चलाए गए इस ऑपरेशन में सेंट्रल दिल्ली के होटलों और गेस्ट हाउसों में बड़े पैमाने पर जांच की गई।
नबी करीम इलाके में आराकंशा रोड पर एक होटल में की गई जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों को दो बांग्लादेशी नागरिक वहां रुके हुए मिले।
उनके पासपोर्ट और वीजा समेत यात्रा दस्तावेजों की जांच करने पर अधिकारियों को पता चला कि दोनों व्यक्ति अपने वीजा की शर्तों के तहत तय अधिकतम समय-सीमा से ज्यादा समय तक रुके हुए थे।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दोनों विदेशी नागरिक 23 जून को डबल-एंट्री वीजा पर भारत आए थे। हालांकि, उनके पासपोर्ट 3 सितंबर तक वैध हैं, लेकिन वीजा की शर्तों के अनुसार उन्हें हर यात्रा पर भारत में केवल 15 दिन रहने की इजाजत थी।
दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि दोनों तय समय-सीमा के बाद भी देश में रुके हुए थे, जिससे उन्होंने वीजा नियमों का उल्लंघन किया।
पकड़े गए लोगों की पहचान बांग्लादेश के हबीगंज के रहने वाले 23 वर्षीय मोहम्मद अनहारुल इस्लाम सौरव खान और बांग्लादेश के कुमिला के रहने वाले 27 वर्षीय तारिकुल इस्लाम सुजान के तौर पर हुई।

