नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। भारत शुक्रवार को 12वीं ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा, जिसमें सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी), डिजिटल परिवर्तन, नवाचार और मजबूत डिजिटल अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) को लेकर सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित की जा रही है।
भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के निर्माण” विषय को चुना है। वहीं सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र की थीम “लचीले भविष्य के लिए नवाचार, सहयोग और परिवर्तन (आईसीटी)” रखी गई है।
गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ये प्राथमिकताएं समावेशी, सुरक्षित और टिकाऊ डिजिटल विकास को बढ़ावा देने तथा ब्रिक्स देशों के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे। यह मंच ब्रिक्स देशों को उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, भविष्य की संचार प्रणालियों, साइबर सुरक्षा, क्षमता निर्माण और समावेशी डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा।
बैठक में डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने और विभिन्न देशों के सफल अनुभवों को साझा करने पर भी जोर दिया जाएगा। भारत का मानना है कि इन पहलों का लाभ केवल ब्रिक्स देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापक वैश्विक दक्षिण के देशों को भी मिलेगा।
भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सहयोग को विशेष प्राथमिकता दी है। इस दिशा में मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, भविष्य की नेटवर्क प्रौद्योगिकियां, साइबर सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवाचार और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दूरसंचार विभाग ब्रिक्स सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सहयोग कार्य समूह के तहत चल रही चर्चाओं का नेतृत्व कर रहा है, जिनमें प्रस्तावित ब्रिक्स क्षमता निर्माण केंद्रों की स्थापना और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को बढ़ाने जैसे विषय शामिल हैं।
यह बैठक वर्ष 2025 में ब्राजील की अध्यक्षता में आयोजित 11वीं ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक के निर्णयों और सहयोग के क्षेत्रों को आगे बढ़ाने का काम करेगी। उस बैठक में सदस्य देशों ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और वैश्विक डिजिटल प्रशासन में सहयोग जारी रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई थी।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ‘डिजिटल ब्रिक्स फोरम एक्सपो’ का भी दौरा करेंगे, जिसमें ब्रिक्स देशों के लिए उपयोगी डिजिटल तकनीकों, नवाचारों और समाधानों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह मंच भाग लेने वाले देशों और हितधारकों के बीच ज्ञान साझा करने, सहयोग बढ़ाने और तकनीकी क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करेगा।
सरकार का कहना है कि 12वीं ब्रिक्स संचार मंत्रियों की बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग ब्रिक्स देशों को अधिक लचीला, समावेशी, सुरक्षित और टिकाऊ डिजिटल भविष्य बनाने में मदद करेगा। साथ ही यह तेजी से बदलते वैश्विक डिजिटल परिदृश्य में विकासशील देशों की भूमिका को भी मजबूत करेगा।

