नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो जबरन वसूली के एक मामले में करीब 15 साल से फरार चल रहा था।
दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान में बड़े पैमाने पर अंतर-राज्यीय तलाशी के बाद स्पेशल सेल की साउथ-वेस्टर्न रेंज की टीम ने राजस्थान के जयपुर के रहने वाले 72 वर्षीय आरोपी हरि सिंह शेखावत को गिरफ्तार किया।
यह मामला 2008 का है, जब शेखावत ने एक बड़ी मल्टीनेशनल गारमेंट कंपनी में काम करते हुए कथित तौर पर उससे पैसे ऐंठने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद स्पेशल सेल पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 384, 389, 506 और 511 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद शेखावत कई बार अदालत में पेश नहीं हुए और कानूनी कार्यवाही से बचते रहे। लगातार पेश न होने के कारण अदालत ने 2 अप्रैल, 2016 को उन्हें ‘घोषित अपराधी’ करार दिया।
सनसनीखेज अपराधों में शामिल फरार अपराधियों और भगोड़ों का पता लगाने की हालिया कोशिशों को देखते हुए ऐसे अपराधियों का पीछा करने और उन्हें आगे अपराध करने से रोकने के लिए एसडब्ल्यूआर/स्पेशल सेल की एक टीम बनाई गई थी।
एसीपी पूरन चंद्र पंत की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप यादव और इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने टीम का नेतृत्व किया। अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर निगरानी की और उन अपराधियों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि एक महीने से ज्यादा समय तक की कड़ी छानबीन के बाद यह पता चला कि शुरू में वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए गुजरात चला गया था और बाद में राजस्थान चला गया।
जांचकर्ताओं को पता चला कि शेखावत ने शुरू में रंगदारी के मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए गुजरात का रुख किया था। इसके बाद वह राजस्थान चले गए, जहां वह छिपकर रहे और कई सालों तक गिरफ्तारी से बचते रहे।
13 अगस्त को स्पेशल सेल की टीम को पक्की जानकारी मिली कि लंबे समय से लंबित मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार आरोपी राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ है।
जानकारी मिलने के बाद तुरंत एक खास रेडिंग टीम बनाई गई और उसे जयपुर भेजा गया।
पुलिस टीम ने जयपुर में सघन तलाशी अभियान चलाया और आखिरकार पुष्टि की कि आरोपी शहर की एक रिहायशी सोसाइटी में रह रहा था। उसकी मौजूदगी की पुष्टि करने और उसकी पहचान पक्की करने के बाद, टीम ने शेखावत को उस रिहायशी परिसर से पकड़ लिया।
अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद आरोपी को कानून के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे अधिकारियों से बचकर भागने का उसका लंबा दौर खत्म हो गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी लगातार निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और कई राज्यों में किए गए समन्वित प्रयासों का नतीजा थी, जिनका मकसद उस आरोपी का पता लगाना था जो कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदल रहा था।
हरि सिंह शेखावत एक्सएलआरआई से ग्रेजुएट हैं और उन्होंने अपने प्रोफेशनल करियर के दौरान कई जानी-मानी मल्टीनेशनल कंपनियों में सीनियर पदों पर काम किया है।
अधिकारियों के अनुसार, वह कपड़ों की एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहे थे, जब 2008 में उन्होंने कथित तौर पर कंपनी से जबरन पैसे वसूलने की कोशिश की।

