Saturday, August 22, 2026
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गुजरात में दिव्यांग कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण पर नीति बनाने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन

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गांधीनगर, 22 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने शनिवार को राज्य सेवाओं में दिव्यांग कर्मचारियों के लिए प्रमोशन में आरक्षण पर नीति बनाने के लिए मुख्य सचिव एमके दास की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया।

समिति को प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक ढांचे की जांच करने और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए एक सही पॉलिसी की सिफारिश करने का काम सौंपा गया है। इसमें आरक्षण का प्रतिशत और इसे लागू करने के लिए जरूरी उपाय शामिल हैं।

इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। इसमें सामान्य प्रशासन, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग और कानून विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही दिव्यांगजन आयुक्त भी शामिल होंगे।

इस समिति का गठन हाल ही में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जीएडी द्वारा जारी एक प्रस्ताव के माध्यम से किया गया था। यह राज्य सरकार के तहत सेवाओं और पदों पर दिव्यांगजनों के लिए प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जांच करेगी।

यह केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए प्रमोशन में आरक्षण से संबंधित सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाई कोर्ट के फैसलों का भी अध्ययन करेगी।

समिति इस बात की जांच करेगी कि गुजरात के लिए पॉलिसी बनाते समय इन कानूनी प्रावधानों और अदालती फैसलों को कैसे लागू किया जा सकता है। अन्य राज्य सरकारों द्वारा अपनाई गई पॉलिसी और प्रावधानों का तुलनात्मक अध्ययन भी समिति के काम का हिस्सा होगा।

इस मूल्यांकन के आधार पर, यह विचार करेगी कि राज्य सरकार में दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए कौन सी पॉलिसी सही रहेगी।

समिति कई पहलुओं पर सिफारिशें करेगी, जिसमें प्रमोशन में आरक्षण का प्रतिशत भी शामिल है। इसके लिए वह अन्य राज्यों की पॉलिसी, मौजूदा कानूनी प्रावधानों, केंद्र की गाइडलाइंस और कोर्ट के फैसलों को ध्यान में रखेगी।

यह राज्य सरकार के प्रशासन में प्रस्तावित पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जरूरी कदमों की भी जांच करेगी। समिति को अपने अध्ययन के लिए जरूरत पड़ने पर किसी भी विभाग या कार्यालय से जानकारी और राय लेने का अधिकार दिया गया है।

इसकी कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा तय समय-सीमा के भीतर पूरी की जाएगी, जिसके बाद यह अपनी सिफारिशें सौंपेगी।