लखनऊ, 23 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवारवाद संबंधी बयान का बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी संघर्षों की कोख से पैदा हुई है और पार्टी के जिन नेताओं के परिजन सांसद बने हैं, वे चुनाव जीतकर जनता के समर्थन से सदन पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भी परिवारवाद से अछूती नहीं है और उसके कई शीर्ष नेताओं के परिवार के सदस्य राजनीति में महत्वपूर्ण पदों पर हैं।
मेहरोत्रा ने कहा कि भाजपा जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए परिवारवाद का मुद्दा उठाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा के कई नेताओं के परिवार के सदस्य विधायक, सांसद और संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर हैं। ऐसे में भाजपा को दूसरों पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को 120 सीटें देने संबंधी अखिलेश यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा विधायक ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में आरएलडी के कई विधायक समाजवादी पार्टी के समर्थन से जीतकर आए थे। उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी को भी समाजवादी पार्टी के समर्थन का लाभ मिला था, लेकिन बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ राजनीतिक समझौता कर लिया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को आरएलडी का इतना सम्मान करना है तो उसे विधानसभा चुनाव में 120 सीटें देकर दिखाना चाहिए।
चीनी की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में चीनी के दामों में तेज बढ़ोतरी हुई है। उनका आरोप था कि बड़ी मात्रा में गन्ने का उपयोग इथेनॉल उत्पादन के लिए किए जाने के कारण चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि एक तरफ आम लोगों को महंगी चीनी खरीदनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहन चालकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के बाद युद्धविराम की घोषणा से कई सवाल खड़े होते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने अखिलेश यादव की ओर से कही गई ‘भाग जाओ पाकिस्तान’ वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए भाजपा की आलोचना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्कूलों के भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि प्रदेश में हजारों सरकारी स्कूल बंद हो चुके हैं और बड़ी संख्या में विद्यालय बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में बिजली, पंखे, फर्नीचर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। उनके अनुसार भाजपा सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर नहीं है और छात्रों की समस्याओं को हल करने के बजाय विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा घबराई हुई है और इसी कारण लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं।
जाति आधारित आरक्षण में उपवर्गीकरण को लेकर चल रहे आंदोलन और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के बयान पर सपा विधायक ने कहा कि भाजपा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के साथ-साथ महिलाओं तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि पीडीए का अर्थ केवल सामाजिक वर्ग नहीं, बल्कि उन सभी लोगों से है जो पीड़ित, उपेक्षित और सम्मान से वंचित हैं।

