Monday, August 24, 2026
SGSU Advertisement
Home राजनीति कर्नाटक में एनआईसीई परियोजना पर केंद्र सरकार का हमला, कुमारस्वामी बोले- यह...

कर्नाटक में एनआईसीई परियोजना पर केंद्र सरकार का हमला, कुमारस्वामी बोले- यह राज्य का सबसे बड़ा घोटाला

0
3

मांड्या, 23 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने रविवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जेडी(एस) कार्यकर्ताओं को एनआईसीई परियोजना के खिलाफ भड़का नहीं रहे हैं, बल्कि पूरे राज्य के लोगों को इस कथित बड़े घोटाले के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

मेलुकोटे स्थित श्री चेलुवनारायण स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (एनआईसीई) परियोजना कर्नाटक के सबसे बड़े घोटालों में से एक है और राज्य सरकार को इस पूरी परियोजना का अधिग्रहण कर लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एनआईसीई कंपनी कथित तौर पर नियमों के विरुद्ध टोल वसूली कर रही है और मनमाने ढंग से टोल दरों में बढ़ोतरी कर रही है। हालांकि कांग्रेस सरकार और एनआईसीई कंपनी के अधिकारियों ने इन आरोपों से इनकार किया है।

कुमारस्वामी ने कहा कि रविवार को अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन कर्नाटक हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच की टिप्पणियों पर आधारित है, न कि मनगढ़ंत।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा और पूर्ववर्ती सरकारों तथा अधिकारियों ने कंपनी के साथ मिलीभगत कर किसानों की जमीन लुटवाई। उनका दावा है कि 20 साल बीतने के बाद भी किसानों को पूरा मुआवजा नहीं मिला और अधिग्रहित जमीन का इस्तेमाल रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए किया गया।

केंद्रीय मंत्री ने लोक निर्माण विभाग मंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि एनआईसीई के साथ समझौते की अवधि अभी 20 साल और बाकी है। उन्होंने पूछा कि सरकार किस समझौते की बात कर रही है और क्या वह कंपनी को अगले 20 साल तक कथित लूट की छूट देना चाहती है।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की नहीं, बल्कि एक निजी कंपनी के हितों की रक्षा कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री और कुछ मंत्रियों के कंपनी के साथ कारोबारी संबंध हैं।

एनआईसीई परियोजना के प्रमोटर अशोक खेनी की ओर से कथित तौर पर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उनका निशाना खेनी नहीं, बल्कि राज्य सरकार है। उन्होंने कहा कि अदालत का आदेश सरकार के खिलाफ है, खेनी के खिलाफ नहीं।

टोल भुगतान को लेकर लोगों को उकसाने के आरोपों को भी कुमारस्वामी ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह किसी को उकसा नहीं रहे हैं, लेकिन अब तक जनता को इस कथित अनियमितता के खिलाफ खड़ा हो जाना चाहिए था।

कुमारस्वामी ने दावा किया कि उन्होंने 2006-07 में विधानसभा में भी एनआईसीई परियोजना का मुद्दा उठाया था और परियोजना रद्द करने का सुझाव दिया था, लेकिन उस समय उन्हें केवल 38 विधायकों का समर्थन मिला था।