Tuesday, August 25, 2026
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गुजरात: भावनगर शराब कांड के बाद अहमदाबाद पुलिस की कार्रवाई, 436 मामले दर्ज, 476 गिरफ्तार

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अहमदाबाद, 24 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत के बाद राज्यभर में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी अभियान के तहत अहमदाबाद शहर पुलिस ने चार दिन के विशेष अभियान में 436 निषेध (प्रोहिबिशन) के मामले दर्ज किए और 476 लोगों को गिरफ्तार किया।

यह विशेष अभियान 18 से 21 अगस्त के बीच पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीएस मलिक के निर्देश पर चलाया गया। इसका उद्देश्य राज्य में अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों पर लगाम लगाना था।

अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि शहर के विभिन्न पुलिस थानों और क्राइम ब्रांच की टीमों ने इस अभियान में हिस्सा लिया।

उन्होंने बताया कि दर्ज किए गए 436 मामलों में से 73 मामले विदेशी शराब से संबंधित थे, जिनमें तीन मामलों को गंभीर श्रेणी में रखा गया। पुलिस ने 29.93 लाख रुपए मूल्य की 11,479 बोतलें विदेशी शराब और बीयर जब्त कीं। इन मामलों में जब्त संपत्ति का कुल मूल्य 80.56 लाख रुपए आंका गया है।

इसके अलावा, पुलिस ने देशी शराब से जुड़े 336 मामले दर्ज किए और 3,693 लीटर देशी शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 7.38 लाख रुपए है। इन मामलों में जब्त की गई कुल संपत्ति का मूल्य 8.43 लाख रुपए बताया गया है।

पुलिस ने अवैध शराब कारोबार में कथित रूप से शामिल सात लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज अधिनियम के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया। सोला पुलिस ने 2,762 बोतल विदेशी शराब और बीयर, जिसकी कीमत 5.05 लाख रुपए है, तथा 4.5 लाख रुपए की एक कार जब्त की। इस मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया।

साबरमती पुलिस ने 1,740 बोतलें और नकदी जब्त कर एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। नरोदा पुलिस ने 12.61 लाख रुपए मूल्य की 3,840 बोतलें, 10 लाख रुपए की एक कार, मोबाइल फोन और नकदी जब्त की। इस मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पुलिस और प्रशासन भावनगर जिले में हुए जहरीली शराब कांड की जांच कर रहे हैं। इस हादसे में 23 अगस्त तक मरने वालों की संख्या 13 पहुंच गई थी।

इलाज के दौरान मुकेश डामोर (36) और भार्गव उपाध्याय (42) की भी मौत हो गई थी। उस समय तीन अन्य लोगों का इलाज जारी था।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में इस्तेमाल की गई शराब में मेथनॉल मिला हुआ था। जांच में सामने आया है कि जहरीली शराब को लोकप्रिय ब्रांड ‘रॉयल स्टैग’ जैसी बोतलों में भरकर बेचा गया था।

भावनगर मामले में पुलिस ने 21 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जबकि जांच के दौरान 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि जहरीली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया कच्चा माल मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्यों से कैसे पहुंचा। साथ ही भावनगर और आसपास के गांवों में इसके निर्माण और वितरण नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

पुलिस आयुक्त गहलोत ने कहा कि यह कार्रवाई केवल चार दिनों तक सीमित नहीं है।

उन्होंने बताया कि अहमदाबाद पुलिस ने समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी है। पिछले 10 दिनों में करीब 41 लोगों पर कार्रवाई की गई है।