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देश को घुसपैठियों से छुटकारा दिलाने के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध : चिराग पासवान

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पटना, 26 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने बुधवार को पटना में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव, घुसपैठियों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की छात्रों से मुलाकात और हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर खुलकर बात की।

बिहार लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने के सवाल पर चिराग पासवान ने पत्रकारों से कहा, “लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की नई सूची जारी कर दी गई है। इसमें कोई शक नहीं कि अलग-अलग राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अहम लक्ष्यों और उद्देश्यों के साथ इस सूची में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। महिलाओं और युवाओं की ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने और पार्टी के विजन को मजबूत करने के लिए नए चेहरों को मौका दिया जा रहा है, ताकि अनुभवी लोगों के साथ-साथ वे भी खुद को सशक्त बना सकें और पार्टी के विस्तार में योगदान दे सकें। संगठन में यह बदलाव बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए किया गया है।”

घुसपैठियों के मुद्दे पर अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए चिराग पासवान ने कहा, “एक बात तो साफ है कि हमारी सरकार की नीति रही है कि जो घुसपैठिए हमारे देश में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे हैं, वे न सिर्फ देश के संसाधनों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और असली नागरिकों के हक छीन रहे हैं बल्कि अक्सर समाज में असंतोष भी पैदा करते हैं। हमने अलग-अलग इलाकों में ऐसा देखा है। अब बंगाल में हमारी सरकार आने के बाद ऐसी कई बातें सामने आ रही हैं जिनसे पता चलता है कि इन घुसपैठियों ने सरकारी संस्थानों और बुनियादी ढांचे पर किस तरह कब्जा कर लिया है। ऐसे में देश को इन सब चीजों से मुक्त करने और घुसपैठियों से छुटकारा दिलाने को सरकार ने प्राथमिकता दी है। इस दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री कड़े और जरूरी कदम उठा रहे हैं और मेरा मानना है कि देश के लिए यह बहुत जरूरी है।”

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव द्वारा घायल छात्रों से मुलाकात के मामले पर चिराग ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मुझे दोनों जगहों पर इस बात से आपत्ति है कि अगर आप सिर्फ राजनीति करने के लिए हंगामा करते हैं तो यह गलत तरीका है। लोकतंत्र में आपको अपनी आवाज उठानी चाहिए, लेकिन साथ ही समाधान के लिए बातचीत भी करनी चाहिए। केंद्र में आप हंगामा करके संसद नहीं चलने देते। यहां बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता क्या कर रहे हैं? जब सदन की कार्यवाही चल रही होती है तो वे मौजूद नहीं होते। वे फोटो खिंचवाने के लिए छात्रों से मिलने जाते हैं लेकिन क्या आपने सही मंच पर इस मुद्दे को उठाने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की है? आप विपक्ष के नेता हैं, उनके सामने अपनी बात और छात्रों की चिंताएं मजबूती से रखें।”

हिजाब पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर चिराग पासवान ने कहा, “हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया है और मेरा मानना है कि इस पर पुनर्विचार की गुंजाइश जरूर है। मैं और मेरी पार्टी पहनावे के आधार पर धार्मिक भेदभाव को सही नहीं मानते। हर धर्म की अपनी परंपराएं, पहनावा और रीति-रिवाज होते हैं। ऐसे में मैं और मेरी पार्टी इन व्यक्तिगत मामलों में पाबंदियां लगाने को सही नहीं मानते।”

चीनी की बढ़ती कीमतों पर चिराग पासवान ने कहा, “जिस तरह से चीनी की कीमतें बढ़ी हैं, अक्सर यह शक होता है कि इसमें कोई गड़बड़ी या जमाखोरी हो सकती है। सरकार ने अपनी तरफ से हर स्तर पर जांच की है। विपक्ष अक्सर इथेनॉल और दूसरे मुद्दों पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करता है।”

वहीं, जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध पर चिराग ने कहा, “जाति आधारित जनगणना कराने का फैसला सभी पार्टियों की सहमति से सर्वसम्मति से लिया गया था। जब बिहार में जाति आधारित जनगणना हुई तो भाजपा पर भी सवाल उठाए गए थे, लेकिन भाजपा की राज्य इकाई ने इसका पूरा समर्थन किया था। प्रधानमंत्री हमेशा से जाति आधारित जनगणना के पक्ष में रहे हैं और गृह मंत्री ने सदन में यह भरोसा दिलाया है कि हम इसे करा रहे हैं।”