मुंबई, 26 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने असदुद्दीन ओवैसी के हिजाब को लेकर दिए गए बयान, राहुल गांधी के प्रस्तावित नागपुर कार्यक्रम, अभिनेत्री कृति सैनन से जुड़े विज्ञापन विवाद और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के राहुल गांधी पर बयान समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। इस दौरान सपरा ने ओवैसी के बयान को लेकर उन्हें ‘ज्ञानवर्धन’ की सलाह दी, जबकि राहुल गांधी के जेनजी से जुड़े मुद्दे उठाने को विपक्ष की जिम्मेदारी बताया।
असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान पर कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने कहा कि उन्हें लगता है कि ओवैसी को अपना ज्ञान और बढ़ाने की जरूरत है। कांग्रेस पार्टी पर हमेशा यह आरोप लगता रहा है कि उसने अल्पसंख्यकों का समर्थन किया और उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया। कांग्रेस सर्वधर्म समभाव में विश्वास करती है और पार्टी की विचारधारा हर प्रांत और हर धर्म के व्यक्ति को आगे बढ़ाने की रही है। अगर ओवैसी को कांग्रेस की भूमिका और विचारधारा को लेकर कुछ समझ में नहीं आया है तो उन्हें स्वयं अपने ज्ञान का विस्तार करना चाहिए।
इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले के संदर्भ में भी सपरा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने को लेकर सवाल उठा था। ओवैसी ने इस तरह के फैसले को इस्लाम पर हमला बताया था। इस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि अदालतें देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अधिक संज्ञान लें। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता, किसानों की समस्याएं, महिलाओं से जुड़े मुद्दे और छात्रों के पेपर लीक जैसे विषयों का उल्लेख किया। सपरा ने कहा कि अगर हाई कोर्ट ने किसी मामले में फैसला दिया है तो न्यायिक व्यवस्था में उसके खिलाफ आगे की अदालत में चुनौती देने का रास्ता मौजूद है। पहले भी कई मामलों में निचली अदालतों के फैसलों को ऊपरी अदालतों में चुनौती दी गई है और बाद में उनमें बदलाव या संशोधन हुआ है। ऐसे में इस मामले में भी आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
पुणे के बाद राहुल गांधी के प्रस्तावित नागपुर कार्यक्रम और उसके संभावित राजनीतिक असर पर चरण सिंह सपरा ने कहा कि राहुल गांधी पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार जेन-जी और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने पेपर लीक, स्कूलों की व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों को लगातार उठाया है। पुणे में राहुल गांधी के कार्यक्रम में जेनजी से जुड़ी महिलाओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि युवा अपने मुद्दों को लेकर संवाद चाहते हैं। पुणे कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए सपरा ने कहा कि वहां एक आदिवासी लड़की ने आदिवासी हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा राहुल गांधी के सामने रखा था। राहुल गांधी ने इस मामले को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने पत्र के जरिए उठाया।
सपरा ने दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार ने राहुल गांधी के पत्र का संज्ञान लिया है और हॉस्टल से जुड़े नियमों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने विशेष रूप से 30 वर्ष की आयु सीमा का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार इस सीमा को हटाने का निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस भी मुद्दे को जेन-जी से जोड़कर उठा रहे हैं, चाहे वह पेपर लीक हो, हॉस्टल की समस्या हो, स्कूलों की व्यवस्था हो या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा मुद्दा, सरकारों को उन पर संज्ञान लेना पड़ रहा है। सपरा ने कहा कि विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी होती है कि वह जनता की आवाज को मजबूती से उठाए और राहुल गांधी यही भूमिका निभा रहे हैं।
रक्षाबंधन से जुड़े एक विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सैनन के पहनावे को लेकर उठे विवाद पर भी चरण सिंह सपरा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस मामले में महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद के अधिकार का मुद्दा उठाया है। सपरा ने कहा कि किसी महिला को क्या पहनना है और किस तरह अपनी जिंदगी जीनी है, यह उसकी व्यक्तिगत पसंद का विषय होना चाहिए। यह अधिकार केवल अभिनेत्री कृति सैनन तक सीमित नहीं है, बल्कि हर महिला को अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है।
उन्होंने राहुल गांधी के उस रुख का समर्थन किया, जिसमें महिलाओं के अधिकार और पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही गई है। सपरा ने कहा कि राहुल गांधी महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं और कृति सैनन के मामले में भी उन्होंने इसी विचार को आगे बढ़ाया।
इसी विवाद के संदर्भ में भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत पर निशाना साधते हुए सपरा ने उन्हें भाजपा की ‘मिसगाइडेड मिसाइल’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंगना अक्सर ऐसे मुद्दों पर बयान देती हैं जिनसे उन्हें राजनीतिक या सार्वजनिक चर्चा में जगह मिल सके। कृति सैनन के विज्ञापन पर की गई टिप्पणी के बजाय महिलाओं के अधिकार और उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मूल मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। महिलाओं को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि वे क्या पहनें और कैसे अपना जीवन जिएं। महिलाओं की स्वतंत्रता और सम्मान को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर भी चरण सिंह सपरा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हिमंता बिस्वा सरमा पर राजनीतिक भाषा को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि वे हमेशा विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं। सपरा ने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर मेंढक को सोने या चांदी की ईंट पर भी बैठा दिया जाए, तो वह छलांग आखिरकार कीचड़ या गंदी नाली की तरफ ही लगाएगा। उन्होंने इसी कहावत के जरिए हिमंता बिस्वा सरमा पर निशाना साधा।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री को राज्य की जनता से जुड़े मुद्दों पर ज्यादा बात करनी चाहिए, लेकिन वे राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ बयानबाजी में अधिक समय लगाते हैं। असम में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को राज्य में व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि असम में हजारों एकड़ जमीन को लेकर मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ी कंपनियों और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के सवाल उठते रहे हैं। सपरा ने कहा कि इन आरोपों पर हिमंता बिस्वा सरमा को जवाब देना चाहिए।
