नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में स्वच्छता को लेकर देश के कई प्रेरक प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की एक बहुत बड़ी खूबी होती है और जब किसी जगह को स्वच्छ रखना वहां के लोगों का अपना संकल्प बन जाता है, तो बदलाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस जगह की पूरी पहचान ही बदल जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वच्छता के लिए ऐसे प्रयास हमें निरंतर प्रेरणा देते हैं।
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के पटवई गांव का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि वहां आकाश और रोहन नाम के दो दोस्तों ने देखा कि उनके आसपास का इलाका गंदगी से भर गया है। इसके बाद दोनों ने कचरे के बैग उठाए और सफाई के लिए निकल पड़े। धीरे-धीरे दूसरे युवा भी उनके साथ जुड़ने लगे और ‘क्लीन-अप पटवई’ नाम से एक टीम बन गई।
पीएम मोदी ने कहा कि ये युवा अब तक चार गंगा घाटों को साफ कर चुके हैं और एक टन से अधिक प्लास्टिक कचरा हटा चुके हैं। इन्होंने कई तालाबों और सार्वजनिक जगहों की सफाई भी की है।
प्रधानमंत्री ने इस बार की श्री अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता और जनभागीदारी की प्रेरक तस्वीर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कठिन रास्तों पर हजारों स्वच्छता कर्मी दिन-रात सेवा में जुटे रहे। इस वर्ष यात्रा के दौरान 400 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरे को कलेक्ट और प्रोसेस किया गया।
उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रयास की एक बात विशेष रूप से अच्छी लगी। स्वच्छता के इस अभियान में श्रद्धालु भी भागीदार बने। 16,000 से अधिक यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया। 10,000 से अधिक यात्रियों को ‘रिस्पॉन्सिबल यात्री सर्टिफिकेट’ भी दिया गया।”
पीएम मोदी ने बताया कि यात्रा के दौरान एक अनोखा प्रयोग भी हुआ, जहां घोड़ों और खच्चरों के गोबर को बायोगैस में बदला गया और उसी क्लीन एनर्जी से स्वच्छ ज्योत प्रज्वलित की गई। यानी बाबा बर्फानी की इस पवित्र यात्रा में स्वच्छता भी सेवा और आस्था का एक रूप बन गई।
अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे गांव हों या शहर, हमारी नदियां हों या तीर्थ स्थल, इनकी पहचान हमारे व्यवहार से भी बनती है और जब स्वच्छता इस व्यवहार में शामिल हो जाती है, तो उस स्थान की शोभा और बढ़ जाती है।
