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लखनऊ में राजनाथ सिंह बोले, अंतरराष्ट्रीय मंच पर अब भारत की बात पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है

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लखनऊ, 30 अगस्त (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है और आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात को पूरी दुनिया गंभीरता से सुनती है।

उन्होंने कहा कि यह भारत के बढ़ते कद और बदलती वैश्विक हैसियत का प्रमाण है। विकसित भारत का अर्थ केवल बड़ी परियोजनाओं और आधुनिक इमारतों का निर्माण नहीं, बल्कि हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, युवाओं को अवसर और समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

रक्षा मंत्री ने रविवार को लखनऊ छावनी परिषद में करीब 101 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को वह केवल निर्माण कार्य के तौर पर नहीं देखते। ये लखनऊ छावनी के भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता हैं और वास्तव में ’12 परियोजनाएं नहीं, 12 संकल्प’ हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हर मोहल्ले, हर बस्ती और हर परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस दिशा में पूरी निष्ठा और लगन से काम कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है। उन्होंने कहा कि 10-12 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत जब अपनी बात रखता था तो उसे उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, जितनी वह हकदार थी। आज स्थिति बदल गई है। अब जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलता है तो पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत क्या कह रहा है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि यह भारत की बढ़ती हुई हैसियत और कद का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत का मतलब केवल बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और आधुनिक इमारतें खड़ी करना नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ तब होगा, जब बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे, युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलकूद के अवसर मिलें तथा कोई दिव्यांग बच्चा खुद को समाज की मुख्यधारा से अलग महसूस न करे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि समय बदलने के साथ शहरों और लोगों की जरूरतें भी बदलती हैं। ऐसे में विकास के अनुरूप नियमों में बदलाव जरूरी है। इसी क्रम में लखनऊ छावनी क्षेत्र में नए बिल्डिंग बायलॉज लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले छावनी क्षेत्र में जी प्लस-2 यानी ग्राउंड प्लस दो मंजिल तक निर्माण की व्यवस्था थी। अब इसे बढ़ाकर जी प्लस-3 किया गया है। पार्किंग को शामिल करने पर अब पांच मंजिल तक निर्माण की अनुमति है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य लखनऊ छावनी को उसकी समृद्ध विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए तेजी से विकसित करना है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलाव केवल इमारतों में नहीं होना चाहिए, बल्कि हमारी पहचान और स्मृतियों में भी होना चाहिए। इसी भावना के तहत लखनऊ छावनी परिषद में ब्रिटिश काल से चले आ रहे कुछ बाजारों के नाम बदलकर स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक चेतना और राष्ट्रसेवा से जुड़े भारतीय महापुरुषों एवं विभूतियों के नाम पर रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि रॉयल आर्टिलरी बाजार का नाम अब एकता बाजार, ब्रिटिश कैवलरी बाजार का नाम वीरांगना ऊदा देवी बाजार और ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम माता दीन वाल्मीकि बाजार किया गया है। एक अन्य ब्रिटिश इन्फैंट्री बाजार का नाम मंगल पांडे बाजार रखा गया है। वहीं कैनेडी मार्केट का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी मार्केट किया गया है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि बाजारों के नाम बदलना केवल औपचारिकता नहीं है। इन नामों के जरिए नई पीढ़ी को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और समाज के लिए योगदान देने वाली महान विभूतियों से परिचित कराने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि नए नाम केवल बाजारों और सड़कों के पते नहीं बदलेंगे, बल्कि लोगों की स्मृतियों और नई पीढ़ी की सोच में भी भारतीय इतिहास की छाप छोड़ेंगे। राजनाथ सिंह ने लखनऊ में हो रहे तेज विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की।

उन्होंने कहा कि शहर में बेहतर जलापूर्ति, शिक्षा, खेलकूद, बाढ़ नियंत्रण और अन्य बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है और विकास की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ छावनी में विकास परियोजनाओं के माध्यम से सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। छावनी क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ इसकी ऐतिहासिक पहचान और विरासत को भी संरक्षित रखा जाएगा। लखनऊ और उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास का उद्देश्य केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और बेहतर जीवन की नींव तैयार करना है।

–आईएएनएस

विकेटी/एसके