मांड्या, 31 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के मांड्या में विचाराधीन कैदी को कथित तौर पर विशेष सुविधाएं देने के मामले में राज्य के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने मांड्या जिला जेल की सुपरिटेंडेंट शांथम्मा के तबादले का आदेश जारी किया है।
कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (जेल) आलोक कुमार ने शांथम्मा को तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक विशेष ड्यूटी पर बल्लारी सेंट्रल जेल भेजने का आदेश जारी किया। संबंधित जेल सुपरिटेंडेंट को शांथम्मा के कार्यभार छोड़ने और नई जगह रिपोर्ट करने के बारे में मुख्यालय को अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया गया है।
यह कार्रवाई विचाराधीन कैदी एडीएलआर अधिकारी मोहम्मद हुसैन से जुड़े मामले में की गई, जो जमीन घोटाले के मामले में बंद है। आरोप है कि हुसैन को पीठ दर्द का हवाला देकर मांड्या एमआईएमएस अस्पताल में शिफ्ट किया गया था, जबकि उसे कोई बीमारी नहीं थी।
अस्पताल में रहने के दौरान मोहम्मद हुसैन कथित तौर पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पाया गया था। मांड्या जिला सत्र न्यायाधीश सी. चंद्रशेखर के दौरे के दौरान यह खुलासा हुआ। पता चला कि कैदी को अदालत को सूचित किए बिना अस्पताल में भर्ती कराया गया था। न्यायमूर्ति सी. चंद्रशेखर ने इस दौरान शांथम्मा से पूछताछ की थी।
यह घटनाक्रम मांड्या जेल के कामकाज में अनियमितताओं के आरोपों के बीच सामने आया था। लगभग 80 कैदियों की हस्ताक्षर वाली एक अर्जी मीडिया में आई थी, जिसमें जेल के अंदर अलग-अलग सुविधाओं के लिए कथित ‘रेट लिस्ट’ दी गई है।
अर्जी में कैदियों के हस्ताक्षर, अंगूठे के निशान और विचाराधीन कैदी नंबर शामिल थे। कथित सूची में जेल की विशिष्ट कोठरियों और अन्य सुविधाओं से जुड़े कथित मासिक भुगतान का विवरण था। इन आरोपों के बाद फिलहाल जेल सुपरिटेंडेंट शांथम्मा पर कार्रवाई हुई है।
इससे पहले, कैदी को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के मामले में एक कांस्टेबल को निलंबित किया गया। आरोप है कि पुलिस कांस्टेबल चंदन की ओर से इलाज के लिए भर्ती कैदी हसन को वार्ड में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रहने दिया गया। इसके बाद जिला आर्म्ड रिजर्व (डीएआर) के कांस्टेबल चंदन को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया।
